- हिंदू पलायन के डर से मकानों पर लगाए गए ‘यह मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर
- परिजनों ने लगाई “मौत के बदले मौत” की मांग, पुलिस पर पक्षपात का आरोप
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में 17 वर्षीय किशोर कुणाल की चाकू मारकर हत्या के बाद क्षेत्र में भारी सांप्रदायिक तनाव और आक्रोश फैल गया है। घटना बुधवार रात करीब 8:30 बजे न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक में हुई, जब कुणाल अपनी दादी को अस्पताल से घर छोड़ने के बाद दूध और समोसे लेने निकला था।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हत्या मुस्लिम समुदाय के चार से पांच युवकों द्वारा की गई, जिनमें जिक्रा, उसका भाई साहिल और एक अन्य युवक गुसरा शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल कुणाल को नजदीकी जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लगाए हिंदू पलायन के पोस्टर
घटना के बाद आक्रोशित परिजन और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शाहदरा जीटी रोड जाम कर प्रदर्शन किया। कई हिंदू परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘हिंदू पलायन’, ‘यह मकान बिकाऊ है’ और ‘योगी जी मदद करो’ जैसे पोस्टर चिपकाए, जो इलाके में बढ़ती असुरक्षा और पलायन के डर को दर्शाते हैं।
‘पुलिस ने पहले भी बरती लापरवाही’
कुणाल के पिता राजवीर, जो ऑटो चालक हैं, ने बताया कि उनका बेटा अपनी दादी को छोड़ने के बाद दूध लेने निकला था कि रास्ते में 4-5 युवकों ने उसे घेर लिया। पहले गाली-गलौज की गई और फिर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी पुरानी दिल्ली का रहने वाला है और पुलिस ने पहले भी जिक्रा और साहिल को पैसे लेकर छोड़ दिया था।
कुणाल की मां परवीन बेटे की मौत के बाद से सदमे में हैं। वह बार-बार कह रही हैं, “मेरा बेटा किसी से नहीं लड़ता था। उसे घेरकर मारा गया। अब हमें मौत के बदले मौत चाहिए।” कुणाल की बहन वंदना ने भी आरोप लगाया कि उनका भाई भूखा था, किसी ने उसे बुलाकर बाहर निकाला और फिर मार डाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 6-7 वर्षों में इलाके में सात हत्याएं हो चुकी हैं, जिनका मुख्य निशाना हिंदू समुदाय रहा है।
यूपी मॉडल की मांग
इलाके के निवासियों – राजेश, बंटी और कौशल मिश्रा – ने बताया कि यह सीलमपुर में छठी हत्या है, जिसमें हिंदुओं को टारगेट किया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिक्रा का गैंग इलाके में खुलेआम धमकी देता है, बेटियों को छेड़ता है और मकान खाली कराने का दबाव डालता है। गुस्साए लोगों ने चौपाल लगाकर आरोपियों के खिलाफ ‘यूपी मॉडल’ के तहत बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई, जांच जारी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने जानकारी दी कि हत्या के मामले में सीलमपुर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज व चश्मदीदों के बयान के आधार पर जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। हालांकि घटना के 24 घंटे बीतने के बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
दिल्ली में 24 घंटे में तीन हत्याएं!
सीलमपुर में कुणाल की हत्या के अलावा, दिल्ली में 24 घंटे के भीतर दो अन्य हत्याओं ने भी राजधानी में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार रात सेंट्रल दिल्ली के नबी करीम इलाके में सड़क हादसे के बाद हुए विवाद में लकी और सागर नामक दो भाइयों ने 34 वर्षीय महेंद्र की स्क्रूड्राइवर से हत्या कर दी। आरोपी फरार हैं। वहीं, पंजाबी बस्ती में 24 वर्षीय आशीष आनंद की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
2020 दंगों की कड़वी यादें, प्रशासन सतर्क
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद, भजनपुरा और करावल नगर समेत कई इलाकों में भयानक सांप्रदायिक दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी। पुलिस ने उस समय 758 एफआईआर दर्ज की थी और 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सीलमपुर की पुरानी संवेदनशीलता और मौजूदा घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल इलाके में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है और सभी को जांच के नतीजों का इंतजार है।

