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Lohardaga Accident: लोहरदगा के अंवराझरिया झरने में बड़ा हादसा, डूबने से मार्शल आर्ट ट्रेनर और इंजीनियर की मौत

ननिहाल घूमने आए दो ममेरे भाइयों की जिंदगी झरने के पानी में खामोश, 6 घंटे की मशक्कत के बाद मिले शव, बिना तैरना जाने गहरे पानी में उतरना पड़ा भारी।

by Kanchan Kumar
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​लोहरदगा: ​पर्यटन स्थल की एक छोटी सी लापरवाही ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं। लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र स्थित अंवराझरिया झरने में नहाने गए दो दोस्तों की गहरे पानी में डूबने से जान चली गई। मृतकों की पहचान किस्को थाना क्षेत्र के होंदगा निवासी रितेश शाहदेव (27 वर्ष) और चतरा जिले के सिमरिया निवासी रूपेश कुमार सिंह (30 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस और ग्रामीणों ने करीब 6 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद किए हैं। एसपी सादिक अनवर रिजवी ने हादसे की आधिकारिक पुष्टि की है।

मृतक रितेश शाहदेव एक कुशल मार्शल आर्ट ट्रेनर थे, जिन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते थे और कई स्कूलों में बच्चों को ट्रेनिंग देते थे। वहीं रूपेश कुमार सिंह रांची की एक निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे।

​ननिहाल आने के बाद साथ घूमने निकले थे दोनों

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रूपेश अपनी मां के साथ अपने ननिहाल होंदगा गांव आया हुआ था। यहां से वह अपने ममेरे भाई रितेश के साथ बाइक पर सवार होकर घूमने निकला था। दोनों घूमते-घूमते किस्को-जोबांग सीमा पर स्थित अंवराझरिया झरने पहुंचे। बेहद संकरे और पथरीले रास्तों से नीचे उतरकर दोनों झरने के पानी में नहाने लगे।

​फिसलने से हुआ हादसा, बचाने में दोनों डूबे

​आशंका जताई जा रही है कि झरने के चिकने पत्थरों पर रितेश का पैर फिसल गया और उसका सिर किसी पत्थर से टकरा गया, जिससे वह गहरे पानी में गिर पड़ा। अपने भाई को संकट में देखकर रूपेश भी बिना सोचे-समझे पानी में कूद पड़ा। दुर्भाग्य से दोनों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था, जिसके कारण दोनों गहरे पानी में समा गए।

​मोबाइल बंद मिला तो शुरू हुई तलाश

​जब दोनों देर शाम तक घर नहीं लौटे और उनके फोन स्विच ऑफ बताने लगे, तो परिजनों को चिंता हुई। तलाश करते हुए जब लोग झरने की तरफ पहुंचे, तो सड़क किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली। झरने के पास उनके कपड़े, चप्पल और मोबाइल रखे हुए थे। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस की मदद से खोजबीन शुरू की गई। सबसे पहले रितेश का शव मिला और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने रूपेश का शव भी बाहर निकाल लिया।

​इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। ​घटना स्थल पर किस्को एसडीपीओ दिवाकर कुमार, इंस्पेक्टर चंद्रशेखर आजाद और जोबांग थाना प्रभारी विष्णु रजक समेत पुलिस बल मौजूद रहा। इस दुखद हादसे के बाद से अंवराझरिया जैसे खतरनाक और दुर्गम पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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