हेल्थ डेस्क : जब स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा जाता है, तो कई खतरनाक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है, जिसे मच्छरों के काटने से फैलने वाला वायरस प्रकार की एक बीमारी के रूप में जाना जाता है, एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण पता चलते ही इलाज कराना चाहिए वरना यह खतरनाक हो सकती है। इस लेख में, हम चिकनगुनिया के बारे में विस्तार से जानेंगे, चिकनगुनिया होने के कारण, लक्षण और इसके रोकथाम और उपचार के उपाय।

चिकनगुनिया के प्रकोप विशेष रूप से अफ्रीका, एशिया, यूरोप, और भारतीय और प्रशांत महासागर क्षेत्रों के देशों में पाया जाता था, लेकिन वायरस का स्थानीय संचरण पहली बार 2013 में कैरेबियन क्षेत्र में हुआ। इसके बाद, यह वायरस अधिकांश अमेरिका में फैल गया है, संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल है।
चिकनगुनिया क्या है? (What is Chikungunya?)
-चिकनगुनिया एक मोस्किटो-फैले वायरस (mosquito-borne virus) से होने वाली बीमारी है, जिसमें मुख्य रूप से दो प्रकार के मच्छर, ‘आदियस मोस्किटो’ और ‘एडीस मोस्किटो,’ कारक होते हैं।
-यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति के माध्यम से फैलता है, जब एक मच्छर एक संक्रमित व्यक्ति से खून पीता है और फिर दूसरे व्यक्ति को काटता है तो उस व्यक्ति के शरीर में वायरस का प्रसारण होता है।
चिकनगुनिया के कारण और लक्षण (Causes and Symptoms of Chikungunya)
-एक्सपर्ट्स बताते हैं, चिकनगुनिया का प्रमुख कारण दो प्रकार के मच्छरों के काटने से होता है: ‘आदियस मोस्किटो’ और ‘एडेस मोस्किटो.’ इन मच्छरों के काटने से वायरस मानव शरीर में प्रवेश करता है।
-चिकनगुनिया के लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द, सूजन, और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल होते हैं। ये लक्षण आमतौर पर मुख्य रूप से 2-12 दिनों के बाद दिखाई देते हैं।
-दर्दनाक जोड़ों का दर्द: चिकनगुनिया के लक्षणों में सबसे मुख्य होता है, जोड़ों का दर्द जोकि इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति को चलने-फिरने में भी परेशानी होती है।
-अन्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं: मांसपेशियों में दर्द, आंखों के पीछे की ओर दर्द, मुंह के आसपास की त्वचा का लाल होना, अक्षरण बिगड़, या सामान्य मानसिक स्वास्थ्य में परेशानी।
चिकनगुनिया के उपचार और रोकथाम (Treatment and Prevention of Chikungunya)
– चिकनगुनिया का कोई खास उपचार नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को कम करने और सामान्य आराम प्रदान करने के लिए इलाज किया जा सकता है। डॉक्टर के सलाह के बिना किसी दवा का सेवन न करें। उचित सलाह, आराम व खानपान का ध्यान रखना चाहिए।
-जितना हो आराम करें, पर्याप्त पानी पिएं, और उपयुक्त दवाएं लें जैसे कि परेसेटामोल फीवर और दर्द के लिए।
-बीमारी को फैलने से बचाव के लिए लोगों को अधिक सुरक्षित रूप से रहने की सलाह दी जाती है, जैसे कि मच्छरों के काटने से बचने के उपाय अपनाना आदि।
-मच्छरों के काटने से बचाव के लिए मच्छर बाधक (mosquito repellent), मच्छरदानी (mosquito net) का उपयोग करें, खिड़कियों और दरवाजों को मच्छरों से सुरक्षित रखें, और खुले जगहों पर रात को बाहर न सोएं।
-चिकनगुनिया से ग्रसित व्यक्ति को अलग कमर में रहना चाहिए जिससे इन्फेक्शन को फैलने से रोका जा सकें और संक्रमित व्यक्तियों की देखभाल के दौरान संक्रमित जैविक सामग्री का उपयोग बंद करें।
चिकनगुनिया एक खतरनाक बीमारी है जिसके लक्षण और प्रभाव व्यक्ति के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकते हैं। इसका उचित इलाज और उपचार हो सकता है, लेकिन सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बचाव के उपायों को अपनाकर हम सभी मिलकर इस खतरनाक बीमारी को फैलने से रोक सकते हैं। सभी को सावधान रहकर अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा, ताकि हम स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।

