उत्तर प्रदेश। Ayodhya, Ram Mandir: मनोकामना पूरी होने से पहले सत्यप्रकाश शर्मा इस दुनिया में नहीं रहे। Ayodhya के Shree Ram Mandir के लिए 400 किलो का ताला बनाने वाले सत्यप्रकाश शर्मा का निधन मंगलवार को हो गया। इससे भक्तगणों में शोक की लहर है। सत्यप्रकाश शर्मा मुख्य रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं। 68 वर्षीय सत्यप्रकाश शर्मा ने पत्नी रुकमणी शर्मा के साथ मिलकर 400 किलो का ताला तैयार किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी Shree Ram Mandir के ताले की प्रशंसा
इसे 2021 से बनाना शुरू किया था। इस विशाल ताले को वह Shree Ram Mandir को भेंट करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखे थे। वहीं, दिल्ली में सितंबर माह में लगने वाली प्रदर्शनी में भी लेकर पहुंचे थे, जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस ताले को देखा था और उनकी प्रशंसा की थी।
25 दिसंबर को ताला लेकर अयोध्या जाना था
सत्यप्रकाश शर्मा को Shree Ram Mandir का यह विशाल ताला लेकर 25 दिसंबर को अयोध्या जाना था लेकिन इससे पूर्व ही दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। ऐसे में उनका सपना अधूरा ही रह गया। उनकी इस इच्छा को अब उनके परिजन पूरी करेंगे।
पिता का सपना जरूर पूरा होगा: पुत्र महेश शर्मा
सत्य प्रकाश शर्मा की यह इच्छा कि वे स्वयं ताला लेकर अयोध्या जाएं, पूरी तो नहीं हो सकी लेकिन अब उनके पुत्र महेश शर्मा ने पिता का सपना पूरा करने की बात कही है। महेश शर्मा ने कहा कि वह ताला लेकर अयोध्या जरूर जाएंगे और पिता का सपना पूरा करेंगे।
तीन लाख रुपये है Shree Ram Mandir के ताले की कीमत
सत्यप्रकाश शर्मा आर्थिक रूप से कमजोर थे, इसके बावजूद भी उन्होंने तीन लाख रुपये खर्च कर 400 किलो के ताले का निर्माण किया। इस विशाल आकार के ताले को बनाने में लगभग ढ़ाई साल का समय लगा। वहीं, इस ताले की चाबी चार फीट लंबी हैं। ताले की लंबाई 10 फीट और चौड़ाई छह फीट है। जबकि मोटाई छह इंच है। इस ताला के लिए दो चाबी तैयार की गई है। महेश शर्मा कहते हैं कि पिताजी कहा करते थे कि मंदिर अद्भुत बन रहा है, इसलिए ताला भी अद्भुत बनाया गया है।

