घाटशिला : स्कूल से आते समय पांच वर्षीय मासूम बच्ची की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार की दोपहर बच्ची के शव को सड़क पर रखकर कसीदा-हुलूंग सड़क पूरी तरह जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
ग्रामीणों ने बीडीओ सहित वाहन को घेर कर बनाया बंधक
सड़क जाम की सूचना मिलने पर घाटशिला प्रखंड विकास पदाधिकारी युनिका शर्मा आक्रोशित ग्रामीणों से बात करने पहुंची थी कि ग्रामीणों ने बीडीओ सहित वाहन को घेर कर उन्हे बंधक बना लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक समझाने के बावजूद भी न छोड़ने पर पर घाटशिला थाना प्रभारी वंश नारायण सिंह को सूचना दी गई। थाना प्रभारी सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की।
गति अवरोधक बनाये जाने व वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग
हालांकि बाद में बीडीओ ने ग्रामीणों से बात करके उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने पुलिस से तत्काल बच्ची को धक्का मारने वाले वाहन (बाइक सवार) व स्कूल वैन के चालक की गिरफ्तारी एवं सड़क पर गति अवरोधक बनाये जाने की मांग की।
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को दिया आश्वासन
बीडीओ की फाइल पर थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा एवं सड़क पर गति अवरोधक बनाने के लिए ग्रामीण लिखित आवेदन बीडीओ को देंगे। आवेदन पर उचित कार्यवाही के लिए वरीय पदाधिकारी से अनुमति लेकर सड़क पर गति अवरोधक लगाया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों की सहमति होने पर लगभग 3.30 बजे सड़क जाम समाप्त हुआ।
क्या था मामला
बरडीह गांव निवासी जगन्नाथ गोराई की पांच वर्षीय पुत्री अराध्या गोराई की काशीदा पंचायत अर्न्तगत बरडीह गांव के समीप बाइक की चपेट में आने से मौत हो गयी थी। 5 वर्षीय आराध्या गोराई अपने स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर घाटशिला से मैजिक वाहन से घर आई थी लेकिन स्कूल वाहन वाले ने बच्ची को घर तक न पहुंचा कर सड़क पर ही उतार दिया था। बच्ची अकेले सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आ गई।

