पहले हार्ट अटैक के मामले कम होते थे या इस तरह के केस उम्र दराज लोगों में ही देखने को मिलते थे। लेकिन, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ये जिस तेजी के साथ नौजवानों को भी अपनी चपेट में ले रहा है, उसकी वजह से भारत का हर दूसरा युवा इससे चिंतित है। हर युवाओं के जेहन में महज यही सवाल रहता है कि आखिर अपनी जीवन शैली में ऐसे कौन से फेरबदल करें, जिससे हार्ट अटैक से खुद को महफूज रखा जा सके।
आखिर क्यों हो रहा है ये?
हार्ट अटैक आना कोई बीमारी नहीं है जो की फैल रही है या संक्रमण हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण आजकल की जीवनशैली, दैनिक जीवन, खान पान और वातावरण है। धूम्रपान, शराब और सिगरेट का सेवन करना तो आजकल कूल बन चुका है, जो कि सबसे ज्यादा खतरनाक है। इस तरह के पदार्थों के सेवन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। नींद की कमी भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है। हर रोज 7-8 घंटे की नींद प्रत्येक व्यक्ति को लेना जरूरी है।
खास करके युवाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने डेली या साप्ताहिक चेकअप रूटीन में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे टेस्ट कराते रहे। इससे आपको अपनी स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में पता रहेगा और आप सतर्क रहेंगे।
आजकल युवाओं में जंक फूड खाने का क्रेज बहुत बढ़ चुका है जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। तली हुई या प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से बचना है, क्योंकि यह हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और डायबिटीज को बढ़ाती है। यह हमारी सेहत के लिए बहुत हानिकारक है और हार्ट अटैक का खतरा 60% तक बढ़ा सकती है।
कैसे करें बचाव
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। युवाओं से लेकर उम्र दराज लोगों को यह ध्यान देना है कि वह हर रोज कम से कम आधे घंटे की कसरत जरूर करें। यह हार्ट अटैक के खतरे को काफी कम करता है। बच्चे-युवाओं को इस बात का ध्यान देना है कि वह हरी सब्जियां, फ्रेश फ्रूट्स पर ज्यादा ध्यान दें। रिफाइंड तेल, पाम ऑयल से तली हुई चीजों से दूर रहें। आपको इस बात का ध्यान देना है कि आपका वजन न तो बहुत ज्यादा बढ़ जाए या ना तो बहुत ज्यादा घट जाए। अपने उम्र के हिसाब से सही वेट को मेजर करें और इस पर ध्यान दें। व्यायाम को अपने डेली रूटीन में शामिल करें। अपनी जीवन शैली में बदलाव करने से और कुछ स्वस्थ आदतें अपनाने से आपके हार्ट अटैक के जोखिम को रोकने या कम करने में काफी मदद मिल सकती है।

