नई दिल्लीः अगर आप भी बाजार के समोसे खाने के शौकीन हैं तो इस खबर के बाद आपको सतर्क रहने की जरुरत हो सकती है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक 5 साल का मासूम बच्चा समोसा खाते समय एक तली हुई छिपकली के टुकड़े को भी खा गया। बिना देखे समोसा खाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना उस समय की है जब बच्चे ने घर पर बाजार से लाए गए समोसे का स्वाद लिया, और कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।

क्या था पूरा मामला?
यह घटना रीवा शहर के ढेकहा क्षेत्र की है। सुरेंद्र शर्मा नाम के व्यक्ति ने अपने परिवार के लिए एक होटल से समोसा और जलेबी खरीदी थी। जब उनका पांच साल का बेटा श्रेयांश शर्मा, समोसा खा रहा था, तो उसने एक अजीब स्वाद महसूस किया। श्रेयांश ने एक समोसा खाकर उसे रख दिया और फिर दूसरा समोसा उठाया। इसी दौरान, परिवार के अन्य सदस्य जब उस समोसे को देखे, तो वे चौंक गए क्योंकि समोसे में छिपकली का सिर दिखाई दे रहा था।
परिजनों ने यह देखा और तुरंत बच्चे से समोसा खाने को रोका। इस दौरान वे कहते दिखाई दे रहे हैं, “मुंडी बस बची है, बाकी सब खा लिया।” इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और उसे पेट दर्द, उल्टियां और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
बच्चे की तबीयत बिगड़ी, परिजनों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया
श्रेयांश की तबीयत अचानक खराब हो गई। पेट में तेज दर्द और बार-बार उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद घबराए हुए परिजन बच्चे को तत्काल गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे को भर्ती किया और इलाज शुरू किया। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यदि बच्चा ज्यादा समोसा खाता और इलाज में देरी होती, तो उसकी हालत गंभीर हो सकती थी।
हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि श्रेयांश की हालत अब स्थिर है और उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि अगर समय पर इलाज नहीं किया जाता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी, लेकिन अब बच्चा खतरे से बाहर है।
होटल मालिक पर कार्रवाई की जाएगी
श्रेयांश के पिता, सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि समोसे में छिपकली के टुकड़े होने से बच्चे की तबीयत बिगड़ी है। वह अब होटल मालिक के खिलाफ खाद्य विभाग और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। उनके अनुसार, इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, और जो भी जिम्मेदार व्यक्ति होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुरेंद्र शर्मा ने यह भी कहा कि यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि शहर के अन्य लोगों के लिए भी एक चेतावनी है। उन्होंने अपील की है कि लोग बाजार से खरीदी गई खाद्य सामग्री पर ध्यान दें और उसे पूरी तरह से जांच कर ही खाएं।
खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठाता मामला
यह घटना खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी गंभीर सवाल उठाती है। क्या हम जो रोज़ाना खा रहे हैं, वह सुरक्षित है? क्या बाजारों में बेची जा रही खाद्य सामग्री मानक के अनुसार है? अगर इस घटना में बच्चा और ज्यादा समोसा खा लेता, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा हो सकती थी। यह घटना खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों की अनदेखी का एक उदाहरण है।
वहीं, इस तरह की घटनाएं केवल खाद्य पदार्थों में नहीं, बल्कि आम तौर पर बाजार में बिकने वाली चीजों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाती हैं। अगर होटल या किसी खाद्य विक्रेता से ऐसी लापरवाही हो सकती है, तो यह समझना और भी जरूरी हो जाता है कि हमें हर खाने की चीज को अच्छी तरह से जांचकर ही खाना चाहिए।
रीवा के इस मामले ने न केवल श्रेयांश के परिवार को परेशान किया, बल्कि यह हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमें बाजार से खरीदी गई चीजों को लेकर और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उजागर करती है, और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ मानक और स्वच्छता के अनुरूप हों। अब देखना यह है कि सुरेंद्र शर्मा के द्वारा की गई शिकायत के बाद खाद्य विभाग और पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
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