पटना: राजधानी पटना के धनरुआ थाना क्षेत्र के पभेड़ी मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस की सादे लिवास में मौजूद टीम पर एक भीड़ ने हमला कर दिया। दरअसल, पुलिस एक अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए वहां पहुंची थी, लेकिन जब तक पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई की, भीड़ ने अपराधी को छुड़ा लिया और पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। इस घटनाक्रम में जब स्थिति काबू से बाहर होने लगी, तो धनरुआ थाना के अवर निरीक्षक बेचु राम को अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालनी पड़ी, जिसके बाद ही भीड़ छंट पाई और पुलिसकर्मी वहां से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल हो सके।

क्या है घटना
यह घटना धनरुआ थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुई। जानकारी के अनुसार धनरुआ क्षेत्र में पैक्स चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। संजीवन कुमार उर्फ भोला ने छाती पंचायत से अपना नामांकन किया था, जिसके बाद उनके समर्थक पेट्रोल पंप पर नाश्ते की व्यवस्था के लिए पहुंचे थे। उसी दौरान, पुलिस को सूचना मिली कि इस भीड़ में एक वांछित अपराधी सोनू कुमार भी शामिल है। सोनू कुमार धनरुआ थाने के एक पुराने मामले में वांछित था और बुधुरामचक का निवासी था।
पुलिस टीम को इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सोनू कुमार को गिरफ्तार करने का आदेश मिला। अवर निरीक्षक बेचु राम के नेतृत्व में एक टीम सादे लिवास में वहां पहुंची और सोनू कुमार को पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि, जैसे ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, भीड़ ने हमला कर दिया और सोनू को छुड़ाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई।
रिवॉल्वर की आवश्यकता
जब पुलिसकर्मी खुद को घिरा हुआ महसूस करने लगे और भीड़ के हमले से अपनी सुरक्षा खतरे में पाई, तो अवर निरीक्षक बेचु राम ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली। रिवॉल्वर की उपस्थिति से ही भीड़ डर गई और वहां से तितर-बितर हो गई। इसके बाद पुलिसकर्मी किसी तरह अपराधी को फिर से पकड़ने में सफल हुए और सुरक्षित रूप से थाने लौटे। इस घटना के बाद अवर निरीक्षक ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पूरी स्थिति से अवगत कराया।
थानाध्यक्ष का बयान
घटना के बारे में धनरुआ थाना के थानाध्यक्ष ललित विजय ने कहा, “हमें सूचना मिली थी कि एक वांछित अपराधी भीड़ में शामिल है। इसके बाद, अवर निरीक्षक बेचु राम ने पुलिस बल के साथ वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। लेकिन जैसे ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी हो रही थी, भीड़ ने अपराधी को छुड़ा लिया और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की। हालांकि, पुलिस की सख्ती और रिवॉल्वर की उपस्थिति के बाद भीड़ वहां से भाग गई और हम फिर से अपराधी को गिरफ्तार करने में सफल हो गए। हम मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।”
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा
धनरुआ थाना पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की सतर्कता और साहस ने उनकी जान बचाई। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस को किस हद तक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, खासकर जब कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर होती है। भीड़ का उग्र रूप और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसक व्यवहार यह दर्शाता है कि किस प्रकार कुछ अपराधी और उनके समर्थक व्यवस्था को चुनौती देते हैं धनरुआ थाना पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। साथ ही, पुलिस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और पुलिस बल अपनी कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दे सके।

