पर्थ : भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि वह कप्तानी को केवल एक पद के तौर पर नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। बुमराह ने आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में भारतीय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी को लेकर अपनी राय दी। इस टेस्ट में वह दूसरी बार रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में कप्तान होंगे।
कप्तानी को जिम्मेदारी मानते हैं
बुमराह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “मैं कप्तानी को एक पद के रूप में नहीं देखता, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है, जिसे निभाना मुझे हमेशा से पसंद रहा है। बचपन से ही मैंने कठिन कार्यों को अपनाने और मुश्किल हालात में बेहतर प्रदर्शन करने की आदत डाली है, और अब यह मेरे लिए एक नई चुनौती है।” उन्होंने कहा कि कप्तानी में आने का उनका दृष्टिकोण केवल जिम्मेदारी निभाने का होता है, न कि किसी प्रकार का अहंकार या पद का वश होना।
भविष्य में कप्तानी की उम्मीद
हालांकि बुमराह को यह जिम्मेदारी केवल एक टेस्ट के लिए दी गई है, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने का विचार करते हैं। बुमराह ने कहा, “रोहित हमारे कप्तान हैं और वह शानदार काम कर रहे हैं। मुझे यह जिम्मेदारी इस समय एक मैच के लिए दी गई है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह किसी को नहीं पता।”
अपनी कप्तानी शैली पर बुमराह का दृष्टिकोण
बुमराह का मानना है कि किसी और की कप्तानी शैली की नकल करने से काम नहीं चलता। उन्होंने कहा, “आपको अपनी खुद की शैली ढूंढ़नी चाहिए। विराट और रोहित शानदार कप्तान रहे हैं और उनके नेतृत्व में हमें बेहतरीन नतीजे मिले हैं, लेकिन मैं खुद की रणनीति पर विश्वास रखता हूं।” बुमराह ने अपनी गेंदबाजी शैली का भी उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी खुद की शैली को महत्व दिया है।
तेज गेंदबाजों को कप्तान बनने की क्षमता
बुमराह का मानना है कि तेज गेंदबाज अक्सर रणनीति बनाने में माहिर होते हैं और इस कारण से वे अच्छे कप्तान बन सकते हैं। उन्होंने आस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव को उदाहरण के तौर पर लिया। बुमराह ने कहा कि उन्होंने हमेशा खुद को नेतृत्व दल का हिस्सा माना है। “जब रोहित या विराट कप्तान थे, तो भी मैंने हमेशा अपनी भूमिका में अतिरिक्त योगदान देने की कोशिश की है,” उन्होंने कहा। “अब जब मैं खुद कप्तान हूं, तो नए खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव बांटने का प्रयास करता हूं।”

