महाकुंभ नगर (प्रयागराज) : एप्पल के सह-संस्थापक स्व. स्टीव जॉब्स की पत्नी और दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शुमार 61 वर्षीय लॉरेन पॉवेल जॉब्स, 13 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में भाग लेने के लिए आ रही हैं। इस आयोजन में उनकी उपस्थिति एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक घटना मानी जा रही है।
महाकुंभ: एक आध्यात्मिक यात्रा और आस्था का संगम
प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। 2025 के महाकुंभ में लॉरेन का आना इस आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ा देगा। लॉरेन यहां पर कल्पवास करेंगी और साधुओं के साथ सादगीपूर्ण जीवन जीने का अनुभव करेंगी।
लॉरेन का हिंदू धर्म से जुड़ाव और नया नाम
लॉरेन ने हमेशा ही हिंदू और बौद्ध धर्म से गहरा जुड़ाव रखा है। इस बारे में आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद जी महाराज ने जानकारी दी कि उन्होंने लॉरेन को अपना गोत्र भी दिया है और उनका नाम ‘कमला’ रखा है। स्वामी कैलाशानंद जी ने कहा कि, “लॉरेन हमारी बेटी के समान हैं और महाकुंभ में हम उनका स्वागत करते हैं।” यह उनकी भारत यात्रा का दूसरा अवसर है।
स्टीव जॉब्स का भी था सनातन धर्म से गहरा जुड़ाव
लॉरेन का सनातन धर्म से जुड़ाव कोई नई बात नहीं है। उनके दिवंगत पति स्टीव जॉब्स भी भारतीय संतों और सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते थे। स्टीव जॉब्स ने 1974 में बाबा नीम करोली के आश्रम का दौरा किया था और ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी’ किताब को अपनी जिंदगी में बदलाव लाने का कारण माना था।
लॉरेन के महाकुंभ में ठहरने की व्यवस्था
लॉरेन पॉवेल जॉब्स के लिए महाकुंभ में ठहरने की व्यवस्था विशेष महाराजा डीलक्स कॉटेज में की गई है। वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में 29 जनवरी तक रहेंगी और सनातन धर्म को करीब से समझने की कोशिश करेंगी। इसके अलावा, वह 19 जनवरी से शुरू हो रही कथा की पहली यजमान भी होंगी।

