रांची : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गिरिडीह में हुई पेपर लीक की घटना में गिरफ्तार हुए युवक का एक समाचार पत्र द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबंध बताए जाने का कड़ा एतराज दर्ज कराती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शुरू से ही परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं का विरोध करती आई है।
एबीवीपी इसमें संलिप्त आरोपियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध रही है। ज्ञात हो कि झारखंड बोर्ड 10वीं की पेपर लीक की घटना होने के तुरंत बाद ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सभी जिला मुख्यालयों में जैक की विफलता के बाद सामान्य छात्रों से पुतला दहन का आह्वान किया था। गिरिडीह में भी सरकार और जैक अध्यक्ष के विरुद्ध परिषद कार्यकर्ता सामान्य छात्रों के साथ मिलकर पुतला दहन कर रहे थे, उसी समय उस स्थान पर कई अन्य संगठन भी सरकार और जैक अध्यक्ष के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे थे। उस प्रदर्शन में समाज के विभिन्न क्षेत्र के प्रमुख व्यक्ति सहित सामान्य छात्र-छात्राएं शामिल थे।
उक्त घटना पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड प्रदेश के प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देती, न ही किसी अनुशासनहीन व्यक्ति को संरक्षण देती है। परिषद छात्र हित में अपने आंदोलनो में सामान्य छात्र छात्राओं को भाग लेने हेतु आह्वान करती है।
आंदोलन में शामिल प्रत्येक व्यक्ति परिषद का कार्यकर्ता नहीं होता और यह समझना अत्यंत आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करती है और इस घटना में जो भी संलिप्त है उस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। अभाविप कभी भी इस प्रकार की घटना को बढ़ावा नहीं देती है।
उन्होंने आगे कहा कि गिरिडीह में हुए उस आंदोलन में जिले भर के सामान्य छात्र-छात्राएं शामिल थे। संदिग्ध युवक का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से दूर-दूर तक किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है यदि वह इस घटना में आरोपी पाया जाता है तो सरकार को उस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरी घटना के निष्पक्ष जांच करे न कि विद्यार्थियों का ध्यान भटकाए। प्रदेश कार्यालय मंत्री रोहित देव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारी दी है।

