नई दिल्ली : चिकित्सा पद्धति में एक नई खोज हुई है। इस अनुसंधान की सहायता से अब डायबिटीज रोग का इलाज बिना दवा के संभव हो सकेगा। इससे तनाव पर भी काबू पाने में सहायता मिलेगी। ‘इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ में प्रकाशित शोध में यह बात सामने आई है कि PMR थेरेपी के जरिए डायबिटीज और तनाव को कंट्रोल करना कारगर होगा। मधुमेह रोगियों के दो समूहों पर किए गए, इस शोध में शोधकर्ताओं को PMR थेरेपी का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।

डायबिटीज के साथ ही तनाव भी होगा नियंत्रित
विज्ञान में रोज नए-नए अनुसंधान होते रहते हैं। ये अनुसंधान इलाज की पद्धतियों को और भी अधिक उन्नत और सरल बनाने का काम करते हैं। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार अब दवा के बिना भी डायबिटीज जैसे रोग का इलाज संभव हो सकेगा।
इंडियन जनरल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित इस शोध रिपोर्ट के अनुसार प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन थेरेपी (PMR) के जरिए, अब न केवल डायबिटीज बल्कि इससे संबंधित तनाव पर भी काबू पाया जा सकता है।
PMR थेरेपी मधुमेह के इलाज में कारगर
चेन्नई के मधुमेह अनुसंधान केंद्र में शोधकर्ताओं ने इस पर अध्ययन किया। इसका उद्देश्य मधुमेह रोगियों में डायबिटिक डिस्ट्रेस और ब्लड शुगर पर इसके प्रभाव का आकलन करना था। मधुमेह रोगियों के खून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इससे मेंटल स्ट्रेस और एंग्जायटी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। PMR थेरेपी के माध्यम से यह पता लगाया गया कि मधुमेह रोगियों पर इस थेरेपी का क्या प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं को इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले।
दो समूहों पर किया गया अध्ययन
PMR थेरेपी के अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 40- 40 डायबिटीज रोगियों को दो समूह में बांटा। एक समूह में शामिल सदस्यों को PMR थेरेपी दी गई। वहीं दूसरे समूह के सदस्यों की केवल सामान्य काउंसलिंग की गई। इसके तीन महीने बाद थेरेपी के पहले और बाद के प्रभाव का आकलन किया गया। इसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए। PMR थेरेपी मांसपेशियों को आराम देने वाला, एक सामान्य व्यायाम है।

