गया : रेलवे का मिशन रफ्तार अब नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। पूर्व मध्य रेलवे ने धनबाद और डीडीयू रेल मंडल के बीच एक सेमी हाई स्पीड ट्रेन का सफल ट्रायल किया। इस दौरान ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हुए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और धनबाद के खांटा जंक्शन तक पहुंची। यह ट्रायल 5 अप्रैल को हुआ और इसमें गया जंक्शन पर ट्रेन का ठहराव भी था। ट्रायल को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह ट्रायल 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कार्ड रेलखंड पर किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से गया जंक्शन होते हुए ट्रेन खांटा जंक्शन, धनबाद तक पहुंची और वापसी में भी वही मार्ग तय किया। इस ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की, जो हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
आधिकारिक खुशी और सफलता
जब ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी, तो ट्रेन में सवार अधिकारियों, विशेषकर डीआरएम (डिवीजनल रेलवे मैनेजर) और अन्य अधिकारियों ने अपनी खुशी का इज़हार किया। इस रफ्तार में ट्रेन की सुरक्षा और संचालन की पूरी व्यवस्था को सही तरीके से चेक किया गया और ट्रायल ने अपनी सफलता का परचम लहराया।
सुरक्षा और व्यवस्था के तगड़े इंतजाम
रेलवे का मानना है कि हाई स्पीड ट्रेन के संचालन से यात्री समय की बचत करेंगे और यात्रा अधिक सुगम होगी। लेकिन इसके साथ ही, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा बाड़े लगाए जा रहे हैं ताकि सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। मिशन रफ्तार के तहत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में पूर्व मध्य रेल क्षेत्र के 412 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग को कवर किया जा रहा है।
आगे की योजना और यात्रा की सुविधा
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने कहा कि, ‘मिशन रफ्तार के तहत हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है। थोड़े काम बाकी हैं, लेकिन वे जल्द ही पूरे हो जाएंगे। इस रूट पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाई जाएंगी’।
यात्रियों को मिलेगा फायदा
लोको पायलट सुरेश चंद्र ने कहा कि, ‘160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने में कोई समस्या नहीं हुई। यह ट्रायल यात्रा के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा, क्योंकि इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी’।
बड़ी उपलब्धि
यह ट्रायल न केवल पूर्व मध्य रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि पूरे भारतीय रेलवे के मिशन रफ्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और तेज यात्रा की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई इस पहल को सफलतापूर्वक पूरा कर रेलवे ने अपनी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब भारतीय रेलवे की उच्चतम रफ्तार से ट्रेनें चलने का रास्ता साफ हो गया है।

