रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। जिसमें कुल 34 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णयों में महंगाई भत्ता की दरों में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है, जिससे अब सरकारी कर्मियों को 55% महंगाई भत्ता मिलेगा।

7 नए वन स्टॉप सेंटर
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में 7 नए वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे, जिनमें से दो रांची में स्थापित किए जाएंगे। ये सेंटर हिंसा की शिकार महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत राज्य में 275 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिससे दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में पोषण और शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर पहुंचेगा जल
ग्रामीण पेयजल योजना 2025 को मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत हर घर जल योजना को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके माध्यम से झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। झारखंड फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली 2025 के गठन को मंजूरी दी गई, जो राज्य में फार्मासिस्टों की सेवा और नियुक्ति को सुव्यवस्थित करेगी। साथ ही, राज्य के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की स्थानांतरण नीति में संशोधन की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
डीएसपीएमयू का बदलेगा नाम
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन राज्य की जनजातीय पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों – धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका, पलामू और एमजीएम जमशेदपुर में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 168 नए शैक्षणिक पद सृजित किए जाएंगे, जिससे इन कॉलेजों की चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
बालू बंदोबस्ती प्रक्रिया में बदलाव
बालू बंदोबस्ती की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह कार्य जिला प्रशासन के माध्यम से किया जाएगा, जबकि पहले यह कार्य जेएसएमडीसीएल द्वारा किया जाता था। झारखंड पुलिस सेवा नियमावली 2012 में संशोधन को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है। साथ ही पुलिस विभाग में जलवाहक, मैकेनिक, बढ़ई जैसे पदों पर कार्यरत कर्मियों को हवलदार पद पर पदोन्नति दिए जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में कुख्यात अपराधियों और उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए 2 लाख से 30 लाख तक का पुरस्कार देने का प्रावधान भी इस बैठक में स्वीकृत किया गया है।

