नई दिल्ली : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर बुधवार रात से गुरुवार को दोपहर तक सैकड़ों उड़ानें रद कर दी गईं, जबकि कई को डायवर्ट किया गया। देश भर में 25 हवाई अड्डों के बंद होने और खासकर उत्तरी व पश्चिमी भारत के 18 हवाई अड्डों पर सिविल उड़ानों पर रोक के चलते सैकड़ों उड़ानें रद्द, डायवर्ट और देर हुईं। हजारों यात्री हवाई अड्डे पर फंसे रहे, जिससे टर्मिनल पर अफरातफरी का माहौल रहा।
कैंसिलेशन, डायवर्सन और देरी को लेकर प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 8 मई को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कुल घरेलू प्रस्थान की 46, घरेलू आगमन की 33, अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान की 5 और अंतरराष्ट्रीय आगमन की 6 उड़ाने कैंसल हुई हैं। वहीं देर रात से सुबह तक कैंसल हुई उड़ानों के आंकड़ों को जोड़ा जाय तो आईजीआई एयरपोर्ट से करीब 140 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द हुईं। देश भर में करीब 400 से अधिक उड़ानें कैंसिल हुईं, जिसमें दिल्ली से आने-जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या सबसे ज्यादा रही।
इस दौरान काफी संख्या में दिल्ली पर हैवी एयर ट्रैफिक के साथ उड़ानों को दिल्ली से जयपुर, अहमदाबाद और अन्य नजदीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट की गईं हैं। हालांकि, एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से कोई सटीक संख्या पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके साथ ही करीब 300 से अधिक उड़ानों में कई घंटों की देरी हुई, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ी। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
हवाई अड्डों के बंद होने से एटीसी पर बढ़ा दबाव
उत्तरी और पश्चिमी भारत के 18 हवाई अड्डों सहित देशभर में 25 हवाई अड्डे अस्थायी रूप से बंद किए गए। इससे हवाई क्षेत्र में भारी पाबंदी लगा दी गई है। देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों के बंद होने से दिल्ली के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) पर भारी दबाव आ गया है। इन बंद हवाई अड्डों पर आने वाली काफी संख्या में उड़ानों का प्रबंधन भी दिल्ली एयरपोर्ट के एटीसी पर आ गया है। अचानक बढ़े दवाब से इसके प्रबंधन में परेशानी आ रही है, जिसका परिणाम स्वरूप डायवर्सन और देरी के मामले बढ़ गए हैं। टर्मिनल पर भीड़ और अव्यवस्था ने यात्रियों का सब्र तोड़ दिया। खासकर श्रीनगर, लेह, जम्मू, अमृतसर, और चंडीगढ़ जैसे गंतव्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों का बुरा हाल रहा।
कई यात्री हवाई अड्डे पर फंसे
कई यात्री मंगलवार (6 मई 2025) शाम से हवाई अड्डे पर फंसे हैं, बिना किसी स्पष्ट जानकारी के। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने एयरलाइंस और हवाई अड्डा प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। कुछ ने बताया कि उन्हें खाने-पीने और बैठने की भी पर्याप्त सुविधा नहीं मिली।
एयरलाइंस और हवाई अड्डे की सलाह
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट-एप पर जांचने के बाद ही एयरपोर्ट पहुंचें। वहीं इसे लेकर एयरलाइंस ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर एडवाइजरी जारी की है. जिसमें इंडिगो एयरलाइन ने जानकारी दी है कि 10 मई तक 165 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों को जल्दी पहुंचने और स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है। एयर इंडिया ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़, और राजकोट की उड़ानें 7 मई दोपहर 12 बजे तक रद्द किये जाने की जानकारी दी है। स्पाइसजेट ने धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर, और अमृतसर की उड़ानें अगले आदेश तक प्रभावित रहने की जानकारी दी है। इस दौरान एयरलाइंस अपने यात्रियों को रिफंड या रीशेड्यूलिंग के विकल्प दे रही हैं। कुछ मामलों में वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था भी की जा रही है। इसे लेकर एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को उनके नंबर पर एसएमएस और ईमेल पर मेल भेजकर उन्हें अपडेट कर रही है। साथ ही अपने आधिकारिक वेबसाइटों पर भी उनके द्वारा स्थिति को लेकर अपडेट किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जारी किए गए सुझाव
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति नियमित रूप से जांचें, हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचें, और वैकल्पिक परिवहन विकल्पों (जैसे दिल्ली मेट्रो) पर विचार करें। उड़ान स्थिति की जांच: एयरलाइन ऐप्स, वेबसाइट्स, या फ्लाइट ट्रैकिंग ऐप्स जैसे फ्लाइट अवेयर का उपयोग करें। जल्दी पहुंचें। टर्मिनल पर भीड़ को देखते हुए कम से कम 3-4 घंटे पहले हवाई अड्डे पहुंचें। इसके साथ ही यात्री अपने जरूरी सामान हैंड बैग में रखें, क्योंकि चेक-इन में देरी हो सकती है।

