जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय ने जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अमर सिंह के खिलाफ जांच का आदेश दिया हैं। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाया है। यह जांच सीनेट सदस्य सोनू ठाकुर द्वारा विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में लगाए गए आरोपों के आधार पर कराई जा रही है। आरोपों में वित्तीय अनियमितता और बर्सर की नियुक्ति में कथित गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने जांच समिति को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द पूरी प्रक्रिया संपन्न कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। सूत्रों के अनुसार, समिति सभी आरोपों की विस्तार से जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष प्रस्तुत करेगी। इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सख्त रुख अपनाया गया है, जिससे आगे की कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। मालूम हो कि डॉ अमर सिंह को अप्रैल में कोऑपरेटिव कॉलेज से स्थानांतरित करते हुए टाटा कॉलेज चाईबासा कर दिया गया था। लेकिन वहां भी वे कुछ दिन ही रहे और फिर उनका तबादला जगन्नाथपुर डिग्री कर दिया गया।
ये हैं जांच कमेटी में:
अध्यक्ष: केयू के प्रॉक्टिर डॉ राजेंद्र भारती ,
सचिव: डॉ अमर कुमार,
सदस्य: एलबीएसएम डॉ एके झा, सिंडिकेट सदस्य रंजीत प्रसाद, डॉ. बालकृष्ण बेहरा
इन बिंदुओं पर होगी जांच
:: डॉ अमर सिंह के कार्यालय में हुए प्रमुख वित्तीय लेन लेन की जांच
:: इंटरमीडिएट फंड का यूटिलाईजेशन
:: कोऑपरेटिव लॉ कॉलेज के जमीन हस्तानांतरण में भूमिका
जांच को लेकर विश्वविद्यालय ने कोई जानकारी नहीं दी : डॉ. अमर सिंह
को-ऑपरेटिव कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों और संभावित जांच के संबंध में कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, “मुझे किसी प्रकार की कोई जानकारी जांच को लेकर विवि ने नहीं दी है, इसलिए मैं इस संबंध में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।”
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि यदि विश्वविद्यालय किसी मामले की जांच कराना चाहता है तो वह अपनी प्रक्रिया के तहत जांच करा सकता है। उन्होंने कहा, “रही बात जांच की तो विश्वविद्यालय को जो कराना है कराए। मैंने को-ऑपरेटिव कॉलेज में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम किया है।”

