जमशेदपुर : टाटा स्टील के बहुप्रतीक्षित वेज रिवीजन समझौते को लेकर बीते दिनों हुई अहम बैठक के बाद एक बार फिर कर्मचारियों के बीच उम्मीदें बढ़ गई हैं। तीन दिन पूर्व तीनप्लेट डिवीजन में ग्रेड समझौता होने के बाद अब टाटा स्टील कर्मियों में और बेचैनी बढ़ गई है। बीते दिनों करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में कंपनी की चीफ पीपुल ऑफिसर (सीपीओ) अतरई सान्याल ने अब तक हुई 37 दौर की वार्ताओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न एलाउंसेस को लेकर हुई चर्चाओं पर सीपीओ ने अपनी सहमति जताई और वार्ता को आगे भी जारी रखने का संकेत दिया। हालांकि समझौते की राह अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी के निजी कारणों से शहर से बाहर रहने के चलते वार्ता में एक बार फिर कुछ दिनों का विराम आ सकता है। इसके बावजूद प्रबंधन जून के चौथे सप्ताह में वेज रिवीजन समझौते को अंतिम रूप देने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
दूसरी ओर बैठक के बाद यूनियन पदाधिकारियों ने अन्य ऑफिस बियरर्स और कमेटी मेंबरों को यूनियन आफिस तथा एसएनटीआई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि एनएस ग्रेड कर्मचारियों के डीए प्रति पॉइंट को लेकर भी चर्चा हुई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार गुरुवार की बैठक में इस विषय पर कोई नई बातचीत नहीं हुई, बल्कि पिछली बैठकों में हुई चर्चाओं की ही समीक्षा की गई। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में एनएस ग्रेड कर्मचारियों की बढ़ती सक्रियता और दबाव को देखते हुए यूनियन नेतृत्व उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
मालूम हो कि कंपनी प्रबंधन ने आंतरिक रूप से 11 जून तक वेज रिवीजन समझौता पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। इसी के तहत सीपीओ जमशेदपुर भी पहुंची थीं, लेकिन यूनियन अध्यक्ष की व्यस्तताओं के कारण यह समय सीमा पूरी नहीं हो सकी। अब प्रबंधन की नजर जून के अंतिम सप्ताह, यानी 22 से 26 जून के बीच समझौते को अंतिम रूप देने पर है।
यूनियन का दूसरा खेमा बोला- ड्राफ्टिंग शुरू, समझौता अब ज्यादा दूर नहीं
वेज रिवीजन को लेकर जहां एक ओर कर्मचारियों के बीच देरी को लेकर बेचैनी है, वहीं यूनियन के भीतर का एक प्रभावशाली खेमा पूरी प्रक्रिया को सकारात्मक दिशा में बढ़ता हुआ बता रहा है। इस खेमे का दावा है कि अधिकांश महत्वपूर्ण और जटिल मुद्दों पर प्रबंधन और यूनियन के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। समझौते के आधिकारिक दस्तावेज की ड्राफ्टिंग का काम भी शुरू हो गया है। तय प्रक्रिया के अनुसार प्रबंधन पहले समझौते का ड्राफ्ट यूनियन को सौंपेगा। इसके बाद यूनियन पदाधिकारी दस्तावेज का बारीकी से अध्ययन करेंगे और कर्मचारियों के हित से जुड़े आवश्यक सुझाव शामिल कराएंगे। इसके बाद अंतिम एग्रीमेंट पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर होंगे। ऐसे में यूनियन के इस खेमे को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद कर्मचारियों को जल्द ही वेज रिवीजन समझौते की सौगात मिल सकती है।
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