
- स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार ही भविष्य : हेमंत सोरेन
- स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को हर संभव सहयोग का दिया भरोसा
- आपने बनाई है 745 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की योजना
रांची : झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक और नवाचार से मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित मेडटेक इनोवेशन डे कार्यक्रम में ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए नई स्वास्थ्य तकनीकों और चिकित्सा उपकरणों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा और सफल होने पर उनका व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसे भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बायो-इंजीनियरिंग और रियल टाइम डेटा पर आधारित होगी तथा राज्य सरकार स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को हरसंभव सहयोग देगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वास्थ्य तकनीकों का अवलोकन भी किया। उन्होंने आईआईटी धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन को देखा और इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहा विकास : डॉ. इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ी है तथा डॉक्टरों की नियुक्ति भी की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने और सरकार, इनोवेटर्स व स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से लागू करने के उपायों पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य से जुड़ीं चुनौतियों का समाधान
डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जॉनसन टोपनो ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर, शोधकर्ता और समुदाय को एक साथ लाकर स्वास्थ्य की प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, डीबीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों के परीक्षण, मूल्यांकन और उन्हें व्यापक उपयोग तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

