
रांची : 14वीं जेपीएससी पीटी और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले में अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने आरोपित लालू कुमार यादव की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद 16 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
जांच के अनुसार, लालू कुमार यादव पर परीक्षा धांधली के कथित मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के एजेंट के तौर पर काम करने और अभ्यर्थियों को परीक्षा फर्जीवाड़े के नेटवर्क में शामिल कराने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित ने कथित तौर पर इसी धांधली के जरिए 14वीं जेपीएससी पीटी और एफआरओ परीक्षा पास की थी।
पुलिस जांच के दौरान आरोपित के घर पर की गई छापेमारी में अभय कुमार तिवारी के नाम का आठ लाख रुपये का चेक, अन्य अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की तीन कार्बन कॉपियां और कुछ ब्लैंक चेक बरामद किए गए थे। इसके अलावा अभय तिवारी को 1.40 लाख रुपये यूपीआई के जरिए भेजे जाने का साक्ष्य भी जांच एजेंसी को मिला है। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोपी को भी जमानत नहीं
इधर, अपर न्यायायुक्त संजीव झा की अदालत ने अरगोड़ा थाना क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपित राजा अंसारी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। राजा अंसारी 26 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उसकी जमानत याचिका को स्वीकार नहीं किया।

