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West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम में धूमधाम से मना करमा महापर्व, बहनों ने की भाइयों की लंबी उम्र की कामना

by Rajeshwar Pandey
West Singhbhum Karma Festival
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चाईबासा : प्रकृति की आराधना और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक करमा महापर्व मंगलवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले में हर्षोल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के चाईबासा, चक्रधरपुर और जगन्नाथपुर अनुमंडल सहित सभी प्रखंडों में इस पर्व की धूम देखने को मिली।

इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी आयु, सुख-शांति और समृद्धि के लिए करम देवता की पूजा-अर्चना की। कुंवारी कन्याओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखकर शाम को विधि-विधान से करम डाली की पूजा की।

चाईबासा शहर में उरांव समाज के सातों अखाड़ों में विशेष आयोजन किए गए। सार्वजनिक अखाड़ा करम पर्व समिति आसनतलिया, उरांव सरना समिति चक्रधरपुर समेत कई अखाड़ों में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ कार्यक्रम हुए। सुबह से ही समाज के लोगों में उत्साह देखा गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों और युवाओं ने करम डाली का स्वागत गीत और नृत्य के साथ किया।

परंपरा के अनुसार करम डाली को विधिवत रूप से लाकर अखाड़ा स्थल पर स्थापित किया गया। इसके बाद फल-फूल, जौ, धान और बालू अर्पित कर पूजा की गई और करम देवता की कथा सुनाई गई। मान्यता है कि करम देवता की पूजा से परिवार में सुख-समृद्धि, खुशहाली आती है और भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम बना रहता है।

West Singhbhum Karma Festival

करम डाली लाने से लेकर अखाड़ा तक पहुंचने तक का नजारा बेहद आकर्षक रहा। महिलाएं ढोल और मांदर की थाप पर करमा गीत गाती हुई पंडाल तक पहुंचीं, वहीं युवक-युवतियां थाप पर थिरकते नजर आए।

चक्रधरपुर के बनमालीपुर, मंडलसाई, इटोर, सेताहाका, राखा, आसनतलिया, जारकी, कुंभाटोली, टोंकाटोला, सिमिदिरी, पंप रोड, जामिद, रोलाडीह, बाघमारा सहित दर्जनों गांवों और टोलों में भी करमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। विधायक सुखराम उरांव के आवास पर भी करमा पूजा का आयोजन हुआ, जहां देर रात तक लोग ढोल-मांदर की थाप पर झूमते रहे।

पूजा के बाद अखाड़ों में पारंपरिक गीत-संगीत और सामूहिक नृत्य का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। युवक-युवतियां, महिला-पुरुष मांदर की धुन पर करम डाली के चारों ओर नृत्य करते रहे। इस दौरान नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का मौका मिला।

उरांव समाज के साथ-साथ मुंडा समाज और अन्य समुदायों के लोग भी इस पर्व को श्रद्धा से मनाते हैं। सार्वजनिक अखाड़ा करम पर्व समिति आसनतलिया की ओर से बुधवार दोपहर नृत्य कार्यक्रम और सामूहिक गीत-संगीत का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद शाम को सभी अखाड़ों में करम डाली का विसर्जन किया जाएगा।

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