सेंट्रल डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम 5 बजे संघर्ष विराम लागू हुआ। संघर्ष विराम के मात्र तीन घंटे बाद रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।

बैठक में शामिल हुए प्रमुख सुरक्षा अधिकारी
इस अहम बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने पीएम मोदी को सीमा पर स्थिति और सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की संघर्ष विराम की पुष्टि
संघर्ष विराम की आधिकारिक घोषणा भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने दोपहर 3:35 बजे भारतीय DGMO को फोन कर यह सहमति जताई कि दोनों देश शाम 5 बजे से जमीन, समुद्र और हवा में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी बंद करेंगे। दोनों पक्षों को इस निर्णय को लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। DGMO स्तर पर अगली बातचीत 12 मई को दोपहर 12 बजे होगी।
अमेरिकी मध्यस्थता के बाद हुआ युद्धविराम का समझौता
संघर्ष विराम की यह घोषणा उस वक्त आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत के बाद पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने निभाई कूटनीतिक भूमिका
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार से अलग-अलग बातचीत की थी। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शनिवार सुबह इस बातचीत की जानकारी दी।

