- UPSC के नए चेयरमैन नियुक्त हुए अजय कुमार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नियुक्ति को मंजूरी दी
सेंट्रल डेस्क : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को नया चेयरमैन मिल गया है। पूर्व रक्षा सचिव और केरल कैडर के 1985 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी डॉ. अजय कुमार को यूपीएससी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अनुमोदित की गई है। उन्होंने 29 अप्रैल 2025 को प्रीति सूदन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पदभार संभाला।
IAS अजय कुमार का शिक्षा से प्रशासन तक का सफर : UPSC Chairman Education and Career
डॉ. अजय कुमार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत प्रभावशाली रही है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने मिनेसोटा विश्वविद्यालय से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री और कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में PhD की उपाधि प्राप्त की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भारत लौटे और यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए। उन्हें केरल कैडर आवंटित किया गया था।
तीन दशकों का प्रशासनिक अनुभव : Ajay Kumar IAS Career Profile
डॉ. अजय कुमार के पास प्रशासनिक सेवा में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 23 अगस्त 2019 से 31 अक्टूबर 2022 तक भारत सरकार में रक्षा सचिव के रूप में कार्य किया। वह रक्षा मंत्रालय में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सचिव रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने रक्षा उत्पादन विभाग में सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के महानिदेशक के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2014 में शुरू की गई डिजिटल इंडिया पहल को लागू करने वाली प्रमुख टीम का हिस्सा भी अजय कुमार रहे हैं। 2007 से 2010 के बीच वह केरल सरकार में आईटी विभाग के प्रधान सचिव भी रहे।
UPSC चेयरमैन का कार्यकाल और आयोग की संरचना : UPSC Chairman Tenure and Structure
संघ लोक सेवा आयोग का नेतृत्व एक चेयरमैन करता है, जिसे अधिकतम 6 वर्षों के कार्यकाल के लिए या 65 वर्ष की आयु तक नियुक्त किया जाता है, जो भी पहले हो। आयोग में अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं। यूपीएससी का कार्य मुख्य रूप से IAS, IPS, IFS सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए योग्य अधिकारियों का चयन करना है।
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