Home » UP News : अब्बास अंसारी को हेट स्पीच पड़ी भारी : 2 साल की सजा के बाद विधायकी खत्म, मऊ सदर सीट रिक्त घोषित

UP News : अब्बास अंसारी को हेट स्पीच पड़ी भारी : 2 साल की सजा के बाद विधायकी खत्म, मऊ सदर सीट रिक्त घोषित

by Rakesh Pandey
abbas-ansari-disqualified-mla-hate-speech-mau-sadar-seat-vacant-up-byelection
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

लखनऊ/मऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में शनिवार, 31 मई 2025 का दिन अहम रहा, जब माफिया से राजनेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में बड़ा झटका लगा। मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई। इस सजा के ऐलान के साथ ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने मऊ सदर विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया और इस संबंध में निर्वाचन आयोग को भी सूचित कर दिया गया है।

क्या था पूरा मामला जिसने छीनी विधायकी?

यह मामला वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक भड़काऊ और विवादास्पद भाषण से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान अब्बास अंसारी ने मऊ के पहाड़पुरा मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अधिकारियों को धमकी भरे लहजे में कहा था, “मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी से कहकर आया हूं कि सरकार बनने के बाद 6 महीने तक किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी। जो यहां है, यहीं रहेगा। पहले उनसे हिसाब-किताब होगा, उसके बाद उनके जाने पर मुहर लगेगी।”

इस आपत्तिजनक बयान के सामने आने के बाद काफी राजनीतिक बवाल मचा था। तत्कालीन मऊ कोतवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद की तहरीर पर अब्बास अंसारी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। लगभग तीन वर्षों तक चली अदालती कार्यवाही और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद, शनिवार, 31 मई 2025 को अदालत ने अब्बास अंसारी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।

सजा के बाद तत्काल कार्रवाई: विधायकी रद्द, सीट रिक्त

अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने त्वरित कार्रवाई की। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि सदन के नियमों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के प्रावधानों के तहत अब्बास अंसारी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। विशेष रूप से, यह कार्यवाही रविवार के अवकाश के दिन भी पूरी की गई, जो मामले की गंभीरता और प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है। सचिवालय ने भारत निर्वाचन आयोग को मऊ सदर विधानसभा सीट रिक्त होने की आधिकारिक सूचना भी भेज दी है।

अब्बास अंसारी का राजनीतिक सफर और अन्य मामले

अब्बास अंसारी ने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में मऊ सदर सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार अशोक सिंह को 38,575 मतों के अंतर से पराजित किया था। अब्बास को कुल 1,24,691 वोट मिले थे।

गौरतलब है कि अब्बास अंसारी पर हेट स्पीच के इस मामले के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे नवंबर 2022 से विभिन्न मामलों में जेल में बंद थे और कुछ समय पहले ही उन्हें जमानत मिली थी। अब इस नए मामले में सजा होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

आगे क्या होगा? मऊ सदर में उपचुनाव तय

भारतीय संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के अनुसार, यदि किसी जनप्रतिनिधि को किसी आपराधिक मामले में दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदन की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है। इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर अब्बास अंसारी की विधायकी रद्द हुई है।

अब निर्वाचन आयोग नियमानुसार अगले छह महीने के भीतर मऊ सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराएगा। इस उपचुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अब्बास अंसारी के परिवार या उनकी पार्टी से कौन इस सीट पर उम्मीदवार होता है और जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है।

Read Also- Tej Pratap Yadav : मां-पापा ही मेरी दुनिया हैं – निष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव का भावुक पोस्ट, छलका दिल का दर्द

Related Articles