पलामू– कुख्यात नक्सली और पीएलएफआई का पूर्व सुप्रीमो दिनेश गोप, जो वर्तमान में पलामू सेंट्रल जेल में बंद है, का इलाज अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में किया जाएगा। देवघर एम्स ने तकनीकी जांच और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते इलाज में असमर्थता जताई है।

देवघर एम्स ने तकनीकी सीमाएं बताई
दिनेश गोप के हाथ में स्वास्थ्य संबंधित गंभीर समस्या है। प्रारंभ में माना जा रहा था कि देवघर एम्स में उसका उपचार संभव है, लेकिन संस्थान द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित बीमारी की उन्नत जांच और इलाज केवल दिल्ली एम्स में ही संभव है। 24 मई को दिल्ली एम्स में इलाज के लिए अपॉइंटमेंट लिया गया था, अब मामले में औपचारिक अनुमति और सुरक्षा तैयारी की जा रही है।
पुलिस और जेल प्रशासन की तैयारी शुरू
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने दिनेश गोप के इलाज से जुड़े पत्र की पुष्टि की है। वहीं पलामू सेंट्रल जेल के जेलर आशीष कुमार ने बताया कि दिल्ली एम्स से अपॉइंटमेंट की पुष्टि के बाद उचित अनुमति के लिए उच्चस्तरीय पत्राचार किया जा रहा है। इलाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रांसफर प्रक्रिया पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
दिनेश गोप: आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी
दिनेश गोप झारखंड के सबसे वांछित नक्सलियों में से एक रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे नेपाल से गिरफ्तार किया था। उस पर झारखंड में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। झारखंड सरकार ने उस पर ₹25 लाख का इनाम घोषित किया था।

