रेल कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ दिखेगी एकजुटता
Dhanbad: ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) ने 9 जुलाई, बुधवार को 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों (कोल माइंस यूनियनों) द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल को नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है।
ECRKU के अतिरिक्त महासचिव मो. जियाउद्दीन ने बताया कि यह हड़ताल केंद्र सरकार की कथित श्रम विरोधी नीतियों और कॉरपोरेट सेक्टर को बढ़ते लाभ के विरोध में की जा रही है। यूनियन के सदस्य कार्यस्थलों पर प्रतीकात्मक प्रदर्शन करेंगे।
गेट मीटिंग और काली पट्टी पहनकर जताएंगे विरोध
जियाउद्दीन ने कहा,
हमारे नैतिक समर्थन के तहत रेलवे कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर गेट मीटिंग करेंगे, काली पट्टी बांधेंगे और लोगों को हड़ताल के पीछे के कारणों के बारे में जागरूक करेंगे।
AIRF का भी समर्थन, सभी ज़ोनल यूनियनों को निर्देश
ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) ने देश भर की सभी ज़ोनल यूनियनों को इस हड़ताल को नैतिक समर्थन देने का निर्देश दिया है। AIRF के ज़ोनल सचिव ओपी शर्मा ने जानकारी दी कि ECRKU हिंद मज़दूर सभा (HMS) से संबद्ध है, जो इस संयुक्त मोर्चे के तहत हो रही हड़ताल में शामिल है।
यह हैं हड़ताल की प्रमुख मांगें
शर्मा ने बताया कि इस हड़ताल की मुख्य मांगों में शामिल हैं—
• चारों लेबर कोड को रद्द करना
• पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लागू करना
• सरकारी विभागों के निजीकरण को रोकना
उन्होंने कहा कि ये मांगें सिर्फ कोयला क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश भर के मजदूरों से जुड़ी हैं और इनपर त्वरित निर्णय जरूरी है।
Also Read: 9 जुलाई को राष्ट्रीय हड़ताल, RCMU ने INMOSA से किया समर्थन का आग्रह

