दुमका: झारखंड के प्रसिद्ध बासुकीनाथ धाम में श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की एक बड़ी साजिश को प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया है। दुमका जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को 150 किलो नकली पनीर जब्त किया, जिसे पटना से बस द्वारा भेजा गया था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, जांच में पनीर निकला नकली
दुमका के अटल बिहारी वाजपेयी बस स्टैंड पर जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित कुमार राम की टीम ने एक ऑटो रिक्शा से पनीर की बड़ी खेप पकड़ी। यह पनीर श्रावणी मेला में खपाने के उद्देश्य से लाया जा रहा था। गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने तत्काल जांच की। जांच के दौरान जब फूड सेफ्टी टेस्टिंग केमिकल से पनीर की जांच की गई, तो वह कोयले की तरह काला हो गया, जो उसकी विषाक्तता को दर्शाता है। पनीर की मात्रा लगभग 150 किलोग्राम बताई जा रही है।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने दी चेतावनी
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित कुमार राम ने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि पटना से नकली पनीर की बड़ी खेप दुमका लाई जा रही है। टीम सुबह से ही अलर्ट थी। मौके पर पहुंचते ही तस्कर भाग निकले। यह पनीर स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और लीवर को सीधा नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब्त पनीर को तुरंत नष्ट किया जाएगा और मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रावणी मेले में लगातार मिल रही मिलावटखोरी की शिकायतें
बासुकीनाथ में एक माह तक चलने वाले श्रावणी मेले में दस लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में हर साल मिलावटखोरों की गतिविधियाँ सक्रिय हो जाती हैं। कुछ दिन पहले भी प्रशासन ने नकली पेड़ा, आइसक्रीम और दूषित अचार बरामद किए थे, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। फूड सेफ्टी टीम की निगरानी मेले के दौरान पूरे इलाके में लगातार जारी रहेगी।

