साहिबगंज: गंगा नदी का जलस्तर साहिबगंज जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा गंभीर होता जा रहा है। 20 जुलाई 2025 को दोपहर 12:57 बजे तक गंगा का जलस्तर 26.89 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर (26.25 मीटर) से 64 सेंटीमीटर ऊपर है। अनुमान है कि 21 जुलाई की सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान 27.25 मीटर को छू सकता है।

इससे पहले 19 जुलाई की सुबह 11:00 बजे तक गंगा का जलस्तर 26.66 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान जताया था कि जलस्तर 20 जुलाई को 26.82 मीटर तक पहुंच सकता है, जो अब पार हो चुका है।
Sahibganj Flood Alert : बाढ़ का प्रभाव: कई इलाकों में पानी घुसा, फसलें डूबीं
जलस्तर बढ़ने से सदर प्रखंड की 13 पंचायतें, तालझारी, राजमहल और उधवा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। हबीबपुर, पंप हाउस और प्रेम नगर जैसे शहरी क्षेत्रों में नालियों के जरिए पानी घरों तक पहुंच रहा है। प्रेम नगर के अधिकांश घरों के दरवाजों तक पानी भर गया है और सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे रात्रि में आवागमन बाधित हो गया है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर वर्ष मानसून में यह क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ जाता है, लेकिन स्थायी जल निकासी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। साथ ही, खेतों में लगी धान की फसलें भी जलमग्न हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
Sahibganj Flood Alert : गंगा की सहायक नदियों ने भी बढ़ाई चिंता
केवल गंगा ही नहीं, बल्कि उसकी सहायक नदियों– कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक और गंडक नदी का जलस्तर भी चेतावनी स्तर पार कर चुका है। इससे बिहार और झारखंड में बाढ़ की स्थिति और चिंताजनक हो गई है। पटना के गांधीघाट पर गंगा पहले ही खतरे का निशान पार कर चुकी है, जबकि दीघाघाट, हाथीदह, कहलगांव, साहिबगंज और फरक्का में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन का अलर्ट, राहत और बचाव कार्य तेज
साहिबगंज जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है और राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है। दियारा और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। आपातकालीन नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय है और नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों को दिए ये निर्देश
निचले इलाकों के निवासी ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। आवश्यक कागजात, अनाज और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखें।
रखें सावधानियां-
बाढ़ के पानी में रील्स या वीडियो न बनाएं, यह जानलेवा हो सकता है।
नावों में क्षमता से अधिक सवारी न करें।
बच्चों को नदी, नालों या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पास न जाने दें।
अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
Read Also- Varanasi Ganga Flood : यूपी में गंगा नदी उफान पर, वाराणसी में बाढ़ जैसे हालात, कई घाट डूबे

