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Godda Madrasa Death : गोड्डा मदरसा में 13 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजनों के बयान पर हत्या का मामला दर्ज, जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य

Godda Madrasa Death : गोड्डा मदरसा में 13 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजनों के बयान पर हत्या का मामला दर्ज, जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य।

by Reeta Rai Sagar
Godda Madrasa Death
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Godda (Jharkhand) : झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड स्थित कस्बा में एक मदरसा में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मृतका के पिता, मो. तैय्यब, ने मदरसा संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, और इसी के मद्देनजर शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम भी जांच के लिए गोड्डा पहुंची। आयोग की सदस्य ममता कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और परिजनों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की बिंदुवार जांच की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

  • अगर बच्ची फंदे से लटकी हुई मिली थी, तो उनके आने से पहले उसे क्यों उतारा गया?
  • अगर घटना रात में हुई थी, तो इसकी जानकारी सुबह क्यों दी गई?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मदरसा के शिक्षक छोटी-छोटी गलतियों पर बच्ची को डांटते-फटकारते थे, जिससे वह डरी-सहमी रहती थी। परिजनों ने अपनी बच्ची के साथ कुछ गलत होने की आशंका भी जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका के फूलो झानो अस्पताल भेजा है।

जिले में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई मदरसा

इस घटना के बाद, जिले में मदरसों के संचालन को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गोड्डा जिले में 100 से ज्यादा निजी मदरसे हैं जो जिला शिक्षा विभाग में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इनमें से लगभग दो दर्जन मदरसे आवासीय हैं, जहां बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ते हैं। इन मदरसों में न तो खान-पान और न ही रहने के बुनियादी मापदंडों का पालन किया जाता है।

एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बच्चियों के लिए बने आवासीय मदरसों का संचालन भी पुरुषों के जिम्मे है। जिला परिषद की पूर्व सदस्य बेगम निशात जिया ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार के स्तर से इन पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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