रांची : झारखंड में मौसम को लेकर भारत मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। आज और कल राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और रांची समेत कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र-रांची के अनुसार, सोमवार से राज्य में फिर से सक्रिय मानसून के संकेत हैं, जिससे कई जिलों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। विभाग ने आने वाले चार दिनों के लिए वज्रपात को लेकर भी चेतावनी दी है।

झारखंड में कहां होगी बारिश, जानिए पूरा हाल : Jharkhand mein barish ka haal
राज्य के दक्षिणी भाग में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ चुका है। इसके कमजोर होने के चलते झारखंड के ऊपर से घने बादलों का असर कम हुआ है। हालांकि, रांची, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और खूंटी जैसे जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 9 सितंबर के बाद राज्य में एक बार फिर गहरे बादल छाने और तेज बारिश के आसार हैं।
पिछले 24 घंटे का वर्षा आंकड़ा : Jharkhand rain data last 24 hours
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में मानसून की सक्रियता कमजोर रही। केवल खूंटी, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में 20 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई है। रांची में 1 जून से 5 सितंबर तक 1314.5 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 855.9 मिमी के मुकाबले 54% अधिक है। पूरे झारखंड की बात करें तो अब तक 1045.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 840.2 मिमी से 24% अधिक है।
तापमान में बढ़ोतरी के आसार : Jharkhand temperature forecast
राज्य में आने वाले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने जानकारी दी है कि दो दिन पहले ओडिशा के तटीय क्षेत्र पर बना निम्न दबाव अब छत्तीसगढ़ की ओर चला गया है, जिससे झारखंड में फिलहाल बारिश की तीव्रता में कमी आई है।
आगामी दिनों में फिर सक्रिय होगा मानसून : Jharkhand monsoon update
शनिवार और रविवार को झारखंड में आसमान आंशिक रूप से बादलयुक्त रहेगा। आगामी सोमवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में फिर से गहरे बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम में सतर्क रहें।

