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JHARKHAND NEWS: स्टेट फूड लैब बना हाईटेक, मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों का पता लगाएंगे एक्सपर्ट

by Vivek Sharma
स्टेट फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब
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RANCHI: हाईजेनिक खाना आपकी सेहत को दुरुस्त रखता है। लेकिन मिलावट वाला खाना आपको कितना नुकसान पहुंचा सकता है ये तो एक्सपर्ट ही बता सकते है। ऐसे में स्टेट फूड लैब के एक्सपर्ट्स अब आपको मिलावट वाला खाने के नुकसान भी बताएंगे। साथ ही ये भी बताएंगे कि उसके खाने से आपको कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती है। बता दें कि स्टेट फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री को अपग्रेड किया जा रहा है। जहां पर माइक्रोबायोलॉजी लैब बनकर तैयार है। जल्द ही इसमें सैंपल की टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी।

पहले से लैब में हो रहा टेस्ट

लैंब इंचार्ज चर्तुभुज मीणा ने बताया स्टेट फूड लैब में राज्यभर से सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए भेजे जाते है। समय-समय पर राजधानी में टेस्टिंग की जाती है। इस लैब में टेस्ट में कई खुलासे हुए है। जहां खोवा, पनीर और मिठाई में मिलावट की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दिवाली में सैंपल ली गई मिठाईयों में भी मिलावट किया गया था। इसकी रिपोर्ट विभाग तैयार कर रहा है। रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।

संभावित बीमारियों की देगा जानकारी

लैब में माइक्रोबायोलॉजी लैब बनकर तैयार है। जिसमें हाईटेक मशीनें लगाई गई है। इस मशीन में ये पता लगाया जा सकेगा कि मिलावट के लिए कौन सा पदार्थ इस्तेमाल किया गया था। वहीं इसके लंबे समय तक सेवन से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती है। इससे लोगों को अलर्ट किया जाएगा कि खाने की चीजों की खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखें।

खुद से करा सकते है टेस्ट

स्टेट फूड लैब में कोई भी व्यक्ति सैंपल की टेस्टिंग करा सकता है। इसके अलावा फूड सेफ्टी आन व्हील्स में भी लोग नॉमिनल चार्ज देकर सैंपल की टेस्टिंग करा सकते है। विभाग की ओर से दो टेस्टिंग वैन उपलब्ध कराए गए है। ये वैन समय-समय पर शहर के अलग-अलग इलाकों में सैंपल टेस्ट करने के लिए जाते है। वहीं बेसिक टेस्ट तत्काल वैन में ही कर लिए जाते है। इसके बाद सैंपल की डिटेल टेस्टिंग के लिए लैब में लाया जाता है।

750 तरह के केमिकल की मांग

फिलहाल फूड टेस्टिंग लैब में जांच के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल का स्टॉक खत्म होने को है। ऐसे में लैब इंचार्ज ने विभाग से 750 केमिकल की मांग की है। जिसमें माइक्रोबायोलॉजी लैब के लिए भी केमिकल शामिल है। इन केमिकल्स के मिलने के बाद टेस्टिंग में तेजी आएगी। वहीं ज्यादा से ज्यादा सैंपल टेस्ट किए जा सकेंगे।

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