Jamshedpur : कोऑपरेटिव कॉलेज परिसर में सोमवार को छात्रों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई। लॉ कॉलेज के लिए अलग और आधुनिक भवन का शिलान्यास जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो तथा जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़कर किया। इस मौके पर कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नया भवन भवन निर्माण निगम द्वारा बनाया जाएगा और इसे 21 महीनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जी+3 (ग्राउंड सहित चार मंजिला) संरचना वाला यह भवन पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें विशाल क्लासरूम, मूट कोर्ट हॉल, लाइब्रेरी, फैकल्टी रूम, सेमिनार हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी। इससे लॉ के छात्रों को एक ही परिसर में उच्चस्तरीय शिक्षा मिल सकेगी।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा, “आज का दिन जमशेदपुर के छात्रों के लिए ऐतिहासिक है। नए लॉ भवन के बनने के बाद अब हमारे बच्चों को लॉ की पढ़ाई के लिए चाईबासा या रांची जाकर कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही कैंपस में आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स के साथ-साथ लॉ की पढ़ाई भी होगी, जो पूरे शहर के लिए गर्व की बात है।”
विधायक सरयू राय ने कहा कि कोऑपरेटिव कॉलेज पहले से ही उच्च शिक्षा का बड़ा केंद्र है और अब यहां लॉ कॉलेज का नया भवन बनने से यहां शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा। उन्होंने निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कोऑपरेटिव लाॅ कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ जितेंद्र कुमार, कोऑपरेटिव कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अमर सिंह आदि मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत : विधायक
विधायक सरयू राय ने बताया कि छात्रों, विशेषकर छात्राओं की ओर से लंबे समय से लॉ कॉलेज के भवन निर्माण की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस भवन का शिलान्यास होने से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। नया ढांचा बनेगा तो शिक्षा का वातावरण और बेहतर होगा। जमशेदपुर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसे एक अहम पहल माना जा रहा है, जो न केवल लॉ शिक्षा को सुलभ बनाएगा बल्कि शहर के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।
को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के नए भवन के शिलान्यास पर विवाद
कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन संचालित जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के 29.90 करोड़ की लागत से बनने वाले नए भवन के शिलान्यास को छात्र सह अधिवक्ता अमर तिवारी ने पूरी तरह गलत और अनुचित बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार लॉ कॉलेज के लिए कम-से-कम 5 एकड़ जमीन जरूरी है, लेकिन डिजाइन महज 1.4 एकड़ में तैयार किया गया है। इससे बीसीआई कभी स्थायी मान्यता नहीं देगी। को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह और आर्किटेक्ट ने मिलकर मापदंडों को दरकिनार कर सरकार को गुमराह किया है।
अमर तिवारी ने चेतावनी दी कि लॉ कॉलेज को हड़पने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य पर रोक लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है।

