RANCHI: भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस तरह राज्य में शराब घोटाले में फर्जी बैंक गारंटी के जरिए भ्रष्टाचार सामने आया था, उसी तर्ज पर जल जीवन मिशन में भी फर्जी बैंक गारंटी और अवैध निकासी के माध्यम से करोड़ों रुपये का महाघोटाला किया गया है।

राशि मिलने के बाद 55 प्रतिशत काम
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक योजना है। जिसका लक्ष्य हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। केंद्र सरकार ने झारखंड को इस योजना के लिए निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत धन उपलब्ध कराया, इसके बावजूद राज्य सरकार केवल 55 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा कर सकी। उन्होंने कैग की परफॉर्मेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जो कार्य पूरा दिखाया गया है, उसकी गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है।
फर्जी कागज पर ले लिया काम
उन्होंने गिरिडीह जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां बिहार की एक निर्माण कंपनी ने मात्र 1.3 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी दिखाकर करीब 30 करोड़ रुपये का ठेका हासिल कर लिया। इसके बाद बिना किसी ठोस या जमीनी कार्य के ही लगभग 10 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया। यह पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत को उजागर करता है।
न नल लगा, न पानी आया
अजय साह ने दावा किया कि गिरिडीह जैसी स्थिति राज्य के अन्य जिलों में भी है। कई गांवों में न तो नल लगे हैं और न ही पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू, कोयला और पत्थर के बाद अब हेमंत सरकार ने आम जनता के पीने के पानी तक को नहीं छोड़ा। भाजपा ने मांग की है कि जल जीवन मिशन के तहत पूरे प्रदेश में हुए सभी कार्यों की स्पेशल ऑडिट कराई जाए। मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच हो ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

