RANCHI: रांची नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत स्थित शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल पहाड़ी मंदिर और उसके आसपास से अतिक्रमण हटाने को लेकर रेस हो गया है। जल्द ही पहाड़ी के 27 एकड़ एरिया की मापी करने का आदेश नगर आयुक्त ने दिया है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद रविवार को उन्होंने पहाड़ी व आसपास का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने टीम को पहाड़ी एरिया को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का आदेश दिया। इतना ही नहीं अवैध रूप से कब्जा करने वालों पर बुलडोजर भी चलेगा। प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। लगभग 27 एकड़ क्षेत्र में फैले इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर बनाना निगम की प्राथमिकता है।

बेतरतीब दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मंदिर के मुख्य द्वार के दोनों ओर फैले अतिक्रमण और अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासक ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे क्षेत्र की मापी कराने तथा मंदिर परिसर के बाहर आवंटित दुकानों के अलावा अस्थायी रूप से लगने वाली दुकानों की स्थिति का जायजा लेने को कहा। साथ ही पूजन सामग्री को निर्धारित सीमा से बाहर सड़क तक फैलाकर रखने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

भारी वाहनों से वसूला जाएगा जुर्माना
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास सुबह से ही ट्रक और मालवाहक वाहन खड़े रहते हैं, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के आवागमन में भारी परेशानी होती है। गोदामों की मौजूदगी से उत्पन्न इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए प्रशासक ने संबंधित वाहनों पर जुर्माना लगाने, गोदामों और अवैध दुकानों की जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंदिर के पास बनाए जाएंगे दो पार्किंग
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासक ने दो अलग-अलग पार्किंग स्थलों के निर्धारण का भी निर्देश दिया। जिससे वाहन केवल निर्धारित स्थानों पर ही खड़े होंगे और मंदिर क्षेत्र को जाम मुक्त रखा जा सकेगा। प्रशासक ने कहा कि पहाड़ी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रांची नगर निगम पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए योजनाबद्ध और ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की।
हरमू रोड में दोनों ओर बनेगा पाथवे
प्रशासक ने हरमू रोड स्थित शनि मंदिर और गाड़ीखाना चौक के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। भूमि की प्रकृति, मापी और स्थिति का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार के निर्देशानुसार हरमू रोड के दोनों ओर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र विकसित कर सुव्यवस्थित पाथ-वे निर्माण और नगर निगम भूमि के चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है।
आईटीआई बस स्टैंड में वेंडर्स मार्केट
वार्ड 33 स्थित आईटीआई बस स्टैंड जो लगभग 4 एकड़ 22 डिसमिल में फैला हुआ है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र के वेंडर्स को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से प्रशासक ने आईटीआई बस स्टैंड परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, अतिक्रमण की स्थिति, शौचालयों की साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया गया। जुडको के पदाधिकारियों द्वारा बस स्टैंड के प्रस्तावित नए स्वरूप की विस्तृत जानकारी प्रशासक महोदय को दी गई।
इस दौरान प्रशासक ने निर्देश दिया कि यात्रियों के सुचारु आवागमन, सुव्यवस्थित प्रतीक्षालय, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और सुलभ व स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि बस स्टैंड परिसर के किसी भी हिस्से में अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। बस स्टैंड के विपरीत स्थित खाली भूमि का निरीक्षण करते हुए प्रशासक द्वारा भूमि की मापी कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उस क्षेत्र के विस्थापित वेंडर्स को व्यवस्थित करने हेतु आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित करने का निर्देश दिया गया।
हरमू से निकाला जा रहा गाद
रविवार को भी हरमू नदी में युद्ध स्तर पर सफाई जारी रहा। निगम के 100 से अधिक सफाई मित्रों द्वारा लगातार सफाई कार्य किया गया। आधुनिक मशीनों और कर्मियों की मदद से नदी में वर्षों से जमे ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक, गाद और अन्य कचरे को हटाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न केवल नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करना है, बल्कि उसके प्राकृतिक प्रवाह को पुनः स्थापित करना है। नगर निगम ने शहर के सभी नागरिकों से अपील की है कि हरमू नदी में किसी भी प्रकार का कचरा, गंदा पानी या अपशिष्ट न डालें। नदी संरक्षण और स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में नगर निगम का सहयोग करें।

