चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पागल दंतैल हाथी का आतंक का पर्याय बन गया है। सोमवार की रात हाथी ने एक और पिता समेत उसके दो मासूम बच्चे की जान ले ली। वन विभाग की नाकामी कहें या फिर लाचार विभाग के कारण इस हाथी ने एक-एक कर अब तक 9 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। जबकि, 7 लोगों को घायल कर दिया हैं।
ताजा मामला गोइलकेरा के वन क्षेत्र का है, जहां आराहासा पंचायत के सोवा गांव में हमला कर हाथी ने कुंदरा बाहदा नामक व्यक्ति सहित उसके 6 वर्षीय पुत्र कोदमा बाहदां और 8 माह की पुत्री सामू बाहदां की जान ले ली। उसके परिवार की एक अन्य बच्ची 3 वर्षीय जिंगीं बाहदां को घायल कर दिया है।
हाथी ने पिता और उसके दो मासूम बच्चे को सूंड से पकड़कर पटक पटक कर घटनास्थल पर ही मौत के घाट उतार दिया। जबकि, हाथी देख कर शोर मचा रही एक बच्ची को भी घायल कर दिया। घायल बच्ची के परिवार के अन्य लोग भी हाथी के हमले में बाल-बाल बच गए। घटना के बाद घायल मासूम को मनोहरपुर सीएचसी अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए राउरकेला RGH रेफर कर दिया गया। घायल बच्ची को सिर में गंभीर चोट लगी हैं।
दूसरी ओर गोइलकेरा थाना की पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। इधर वन विभाग सिर्फ दिन में जाकर घूम-घूम कर माइक से अनाउंस कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कह रहा है। विभाग ने उन्हें पटाखे दिए गए हैं, ताकि वे हाथी को दूर रख सकें। बता दें कि एक सप्ताह से लगातार एक के बाद एक हाथी लोगों को मौत के घाट उतार रहा है, लेकिन वन विभाग अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं कर पाया है, जिससे गरीब आदिवासियों का जान बच सके।
लगातार हो रही घटनाओं से वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। इधर वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि हाथी के हमले की सूचना मिलते ही वनरक्षी और पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि हाथी को भगाने एवं काबू में करने के लिए पश्चिम बंगाल से एक टीम को बुलाया गया है। जो वर्तमान में कोल्हान के पाटुंग गांव में ट्रैक कर रही है।
बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम जिला में पिछले 6 दिनों में हाथी ने 9 लोगों की जान ले ली है, जबकि 6 लोगों को घायल कर दिया है। घायलों की स्थिति भी काफी नाजुक है। इसके पहले हाथी ने टोन्टो, मुफस्सिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्र में हमला कर 9 लोगों की जान ली थी। इधर वन विभाग ने मंगलवार को सुबह में घायल बच्ची की मां को ₹20000 दिया है, ताकि वह बेटी का बेहतर इलाज करा सके।

