Ranchi: केंद्र सरकार ने झारखंड के औद्योगिक, खनन और पर्यटन विकास को गति देने के लिए अहम सहयोग का भरोसा दिया है। राजधानी रांची से साहेबगंज के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के मिसिंग क्षेत्रों में फोरलेन और सिक्सलेन सड़क निर्माण को लेकर केंद्र ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राजमहल से पश्चिम बंगाल के मानिक चक तक गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई और इसकी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का निर्देश दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार को माइनिंग, इंडस्ट्री और टूरिज्म से जुड़ी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा।
क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा
बैठक में झारखंड में एनएचएआई और राज्य सरकार के तहत स्वीकृत व संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। गडकरी ने पिछले वर्ष वन स्वीकृति और भूमि अधिग्रहण में हुई प्रगति पर संतोष जताया और शेष लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया।
उन्होंने रांची-साहेबगंज मार्ग के जैनामोड़, डुमरी, फुसरो और देवघर-मिर्खाबाद के बीच मिसिंग लिंक में फोरलेन व सिक्सलेन सड़क निर्माण के प्रस्तावों को सक्षम प्राधिकार के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड का निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से झारखंड से पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के लिए एक नया गेटवे खुलेगा। उन्होंने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को सभी प्रस्ताव तत्काल पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया तेज हो सके।
इसके अलावा राज्य में खनन और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए ईस्ट-वेस्ट, नॉर्थ-साउथ, ईस्टर्न और सेंट्रल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मंत्रालय के दोनों राज्य मंत्री, सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर, एनएचएआई चेयरमैन संतोष यादव मौजूद थे। राज्य सरकार की ओर से पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

