CHAIBASA : गांजा रखने और चोरी की मोटरसाइकिल अपने कब्जे में रखने के एक पुराने मामले में न्यायालय ने तीन युवकों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह मामला चाईबासा मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 114/2018 से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2018 में तीन आरोपियों को गांजा और चोरी की पल्सर मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया था।
मुफ्फसिल थाना में 30 अगस्त 2018 को दर्ज इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 413/414/34 तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ii) के तहत केस दर्ज किया गया था। अभियुक्तों में संजीव कुमार देवगम (निवासी सूर्यवासा, थाना झींकपानी), विकास सवैया (निवासी वासाहातु, थाना झींकपानी) और खैमकरन विरुवा (निवासी मेरोमहनर, थाना मंझारी), तीनों जिला पश्चिमी सिंहभूम के निवासी शामिल थे।
अनुसंधान के दौरान चाईबासा पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद एनडीपीएस केस संख्या 04/2018 के तहत मामले का विचारण किया गया।
8 जनवरी 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने फैसला सुनाते हुए तीनों अभियुक्तों को धारा 414 भादवि के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा तथा धारा 20 (ii) एनडीपीएस एक्ट के तहत एक-एक वर्ष की सजा और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पुलिस ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा है। पुलिस का कहना है कि अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

