Jamshedpur : झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य शनिवार को जमशेदपुर में थे। उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चाहे जो भी हो। कोई कितना दम लगाए। जीतेगा झारखंड ही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल झारखंड की सियासत की अपूरणीय क्षति हुई है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन को हमने खो दिया। राम दास सोरेन को हमने खो दिया। लेकिन, हम जल्द ही इस नुकसान से उबर जाएंगे। इसके पहले निर्मल दा और सुनील दा की शहादत हुई। इन सभी लोगों ने इस झारखंड को अपने खून से सींचा है। हम अपने कार्यक्रमों में दिशोम गुरु को सुखद क्षणों में याद करते हैं तो माहौल गमगीन हो जाता है।
जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह बातें शनिवार को बिष्टुपुर के कोऑपरेटिव कॉलेज मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला इकाई की ओर से आयोजित दिशोम गुरु शिबु सोरेन मेमोरियल कप क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्धाटन के मौके पर कहीं। उद्घाटन समारोह में पार्टी के केंद्रीय महासचिव ने दिशोम गुरु शिबु सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर टूर्नामेंट की शुरुआत की। झामुमो के पूर्व सांसद सुनील महतो की जयंती 11 जनवरी को है। इसी को लेकर शनिवार से इस क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत की गई है।
इस मौके पर झामुमो के नेता और कार्यकर्ता राजनीति से इतर खेल के मैदान में एक-दूसरे से मुकाबला करते नजर आए। टेनिस बॉल से खेले जा रहे इस छह ओवर के क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। खास बात यह रही कि मंत्री, सांसद और विधायक भी मैदान में उतरकर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिले के सभी प्रखंडों की क्रिकेट टीम बनाई गई है। एक टीम में झामुमो के 15 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को रखा गया है।
टूर्नामेंट के शुभारंभ पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और स्वयं बल्लेबाजी कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मीडिया से बातचीत में सुप्रियो भट्टाचार्य और विक्टर सोरेन ने कहा कि वर्ष 2025 पार्टी के लिए दुखद रहा, क्योंकि झामुमो ने अपने सुप्रीमो दिशोम गुरु शिबु सोरेन और पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन को खोया। इसके बावजूद राज्य सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खेल के माध्यम से संगठन की एकजुटता और मजबूती का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीत भले किसी एक टीम की हो, लेकिन असली जीत खेल भावना और झारखंड मुक्ति मोर्चा की होगी।

