चाईबासा : मनरेगा कानून और नाम में बदलाव के विरोध में पश्चिम सिंहभूम जिला में कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम चलाएगी। इसके लिए शनिवार को चाईबासा के कांग्रेस भवन में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर जिला पर्यवेक्षक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ.प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि काम के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस ने मनरेगा को शुरू किया था। केंद्र सरकार ने इसका नाम बदल दिया है। इसके विरोध में आंदोलन चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध चाईबासा के गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा के नीचे होगा। आंदोलन के दूसरे चरण में 12 जनवरी से 30 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा, सभी ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक एवं मनरेगा कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र का वितरण किया जाएगा। विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभा होगी। 30 जनवरी शहीद दिवस पर वार्ड और प्रखंड स्तर पर शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जाएंगे। इनमें अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर जोर दिया जाएगा। तृतीय चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ धरना आयोजित होगा।
इसके बाद मनरेगा बचाओ रैली का आयोजन किया जाएगा। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए डॉ.प्रदीप कुमार बलमुचू ने आगे कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर हमला है। मनरेगा के तहत योजनाओं का चयन पहले गांव में होता था। अब केंद्र पंचायत और गांव की योजना का चुनाव करेगा।
वर्तमान वीबी-जीरामजी योजना से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा। जो देश के लिए हितकर नहीं होगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी। कोरोना काल में मनरेगा ने गांव में संजीवनी का काम किया था। आपात स्थिति में किसी योजना के महत्व का पता चलता है। पीएम नरेंद्र मोदी इसे मिटाना चाहते हैं। सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात करती है लेकिन सभी निबंधित मजदूरों को रोजगार दिया गया तो बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ेगी। इसका प्रावधान बजट में नहीं किया गया है। सरकार मजदूरों के साथ छलावा कर रही है। कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि जिस समय मनरेगा कानून लागू हुआ था। उस समय विपक्ष ने भी इसकी सराहना की थी। इससे ग्रामीण भारत का नक्शा बदलेगा।

