Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान दिया गया है। उन्हें लोक कल्याण के क्षेत्र में काम करने के लिए यह सम्मान मिल रहा है। दिशोम गुरु को यह सम्मान मिलने से पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है। झामुमो के कार्यकर्ता मिठाई बांट रहे हैं।

शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य बनाने के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ा था। उनके लंबे आंदोलन के बाद ही झारखंड राज्य अस्तित्व में आया था। शिबू सोरेन झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
गौरतलब है कि शिबू सोरेन का निधन पिछले साल 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में हुआ था।
शिबू सोरेन का जीवन लंबे संघर्ष से भरा हुआ था। उन्होंने 1973 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की थी।
वह मूल रूप से झारखंड के रामगढ़ जिले के निमरा गांव के रहने वाले थे। शिबू सोरेन 1980 से साल 2019 तक झारखंड की दुमका सीट से जीत कर लोकसभा में कई बार पहुंचे थे। साल 2019 में वह भाजपा के उम्मीदवार सुनील सोरेन से हार गए थे। वह तीन बार साल 2005 साल 2008-09 और साल 2009-10 में झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। शिबू सोरेन ने यूपीए सरकार में भी बतौर मंत्री काम किया। वह तब कोयला मंत्री बने थे। वह तीन बार 2004, 2005 और 2006 में कोयला मंत्री बने थे।
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इसके अलावा, अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण मिलेगा। सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान रविवार को कर दिया है। इस बार पांच लोगों को पद्म विभूषण, 13 लोगों को पद्म भूषण और 114 नायकों को पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है। फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार मिला है। जबकि झारखंड राज्य के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को पद्म भूषण से नवाजा गया है।
इसके अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी पद्मभूषण सम्मान दिया गया है।

