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Jharkhand Weather Update : लौट आई सर्दी, बर्फीली हवाओं ने बढ़ा दी ठिठुरन, 6 जिलों में कड़ाके की ठंड का अलर्ट

by Rakesh Pandey
Jharkhand Weather Today
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रांची : झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक रुख बदल लिया है और ठंड ने पूरे राज्य में जोरदार वापसी की है। बीते कुछ दिनों से लोगों को सर्दी से राहत मिलने लगी थी। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं ने झारखंड के तापमान में तेज गिरावट दर्ज कराई है।

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इसका सबसे अधिक असर गुमला जिले में देखने को मिला है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्रदेश में मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने साफ कर दिया है कि सर्दी ने अभी पूरी तरह विदा नहीं ली है। आने वाले दिनों में मौसम की ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा, ताकि ठंड से जुड़ी किसी भी परेशानी से समय रहते बचाव किया जा सके।

कैसा रहेगा आज का मौसम

मौसम विभाग ने आज राज्य के छह जिलों पलामू, हजारीबाग, गुमला, चतरा, कोडरमा और सिमडेगा में कड़ाके की ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है। वहीं राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में भी तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से वास्तविक तापमान महसूस होने से भी कम प्रतीत हो रहा है।

जानें क्यों बढ़ी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में हो रही लगातार बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं झारखंड तक पहुंच रही हैं। इन हवाओं के कारण सुबह और रात ही नहीं, बल्कि दोपहर के समय भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। धूप निकलने के बावजूद हवा में मौजूद ठंडक के चलते लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। खुले इलाकों में कनकनी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग का क्या कहना है

मौसम विभाग का कहना है कि यह मौसमी बदलाव अचानक जरूर है, लेकिन पूरी तरह असामान्य नहीं है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह की ठंड कई बार देखने को मिलती रही है। हालांकि, इस बार ठंड की तीव्रता ज्यादा है, जिसके कारण लोग फिर से गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर ज्यादा गंभीर बताया जा रहा है।

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