- कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त नेल्सन इयोन बागे 30 नवंबर 2025 को ही हो चुके सेवानिवृत्त
- राजस्व के कार्य और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल पर सीधे पड़ रहा असर
रांची : झारखंड के सभी पांचों प्रमंडलों में प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) का पद वर्तमान में रिक्त है, जिससे प्रमंडलीय स्तर का प्रशासनिक कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। हालांकि कार्यकारी व्यवस्था में डीसी इंचार्ज रहते हैं, लेकिन नियमित कमिश्नर नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। राज्य में पांच प्रमंडल- दक्षिण छोटा नागपुर, उत्तर छोटा नागपुर, कोल्हान, संथाल परगना और पलामू हैं। लेकिन, इनमें से किसी में भी फिलहाल नियमित आयुक्त पदस्थ नहीं हैं। राज्य के विभिन्न प्रमंडलों में पदस्थापित रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी या तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनके स्थान पर अब तक किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
दक्षिण छोटा नागपुर प्रमंडल (रांची) में आयुक्त रहे अंजनी कुमार मिश्र के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली हो गया है। वहीं, दो माह से अधिक समय से पलामू प्रमंडल के आयुक्त का पद भी रिक्त चल रहा है। हजारीबाग प्रमंडल में आयुक्त पवन कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक नियमित आयुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है। फिलहाल वहां किसी को अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया गया है। इसी तरह कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त नेल्सन इयोन बागे भी 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। तीन माह से संथाल परगना प्रमंडल में भी आयुक्त नहीं हैं।
कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबित
आयुक्त का पद खाली रहने से विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा, प्रशासनिक समन्वय, राजस्व के कार्य और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल पर सीधा असर पड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुसार, प्रमंडलीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबित हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

