RANCHI: राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने गुरुवार को उच्च सदन में पूर्वोदय विजन और लुक ईस्ट नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को उठाया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी भारत के समग्र व संतुलित विकास की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लुक ईस्ट नीति के तहत उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए व्यापक और दूरदर्शी रणनीति बनाई गई। जिसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं।

क्षेत्रीय विकास को मिली नई गति
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी राज्यों में सड़क, रेल, हवाई अड्डों और अन्य आधारभूत संरचनाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है। देश की सामरिक और आर्थिक मजबूती भी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से यह जानने का प्रयास किया कि बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों को उत्तर-पूर्व से जोड़कर एक मजबूत व समृद्ध पूर्वी भारत के निर्माण के लिए कोई विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है या नहीं।
डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि इन राज्यों के बीच मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जिससे पूरे क्षेत्र का संतुलित व समावेशी विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने उत्तर-पूर्वी राज्यों में कार्यरत झारखंड और बिहार के हजारों प्रवासी मजदूरों के जीवन स्तर, सुरक्षा व आर्थिक स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाय बागानों, रबर प्लांटेशन तथा पाइनेप्पल जैसी कृषि गतिविधियों में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं। जिनका कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना क्षेत्रीय विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होगा।
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