- गृह निर्माण और मोटर कार अग्रिम की पूर्ण वसूली के बाद लेना होता है अनापत्ति प्रमाण पत्र
- नई व्यवस्था से समाप्त होगी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने में होने वाली देरी
- सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की स्थिति में संबंधित कर्मी के पक्ष में एनओसी सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य
NOC New Rules रांची : झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों को दिए जाने वाले गृह निर्माण और मोटर कार अग्रिम की पूर्ण वसूली के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इस संबंध में वित्त विभाग (Finance Department Jharkhand) की उप-सचिव ज्योति कुमारी झा ने सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा कोषागार पदाधिकारियों को निर्देश दिया है।

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के संकल्प के तहत कर्मियों को गृह निर्माण तथा मोटर कार के लिए अग्रिम राशि दी जाती है। इसकी मासिक कटौती निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी स्तर बिल प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से वेतन से की जाती है। अग्रिम की पूरी राशि (मूलधन और ब्याज) की वसूली पूर्ण होने, सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की स्थिति में संबंधित कर्मी के पक्ष में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाना अनिवार्य है।
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अब तक वे अधिकारी जिनका वेतन महालेखाकार कार्यालय से निर्गत होता है और जिनका वेतन स्तर 11 अथवा उससे ऊपर है, उनके मामलों में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया जटिल थी। प्रधान महालेखाकार कार्यालय को विभिन्न पदस्थापन कार्यालयों से हस्ताक्षरित कटौती विवरणी मंगानी पड़ती थी, जिससे अनावश्यक विलंब होता था।
नई व्यवस्था के तहत वेतन स्तर 11 एवं उससे ऊपर के अधिकारियों व कर्मियों के मामलों में अग्रिम की पूरी कटौती होने, सेवानिवृत्ति या मृत्यु की स्थिति में अंतिम पदस्थापन कार्यालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, प्रणाली में उपलब्ध कटौती विवरणी के आधार पर प्रधान महालेखाकार कार्यालय को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध भेजेंगे।
NOC process Jharkhand : ऑनलाइन आंकड़ों का किया जाएगा मिलन
प्रधान महालेखाकार कार्यालय ऑनलाइन उपलब्ध आंकड़ों का मिलान और सत्यापन कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करेगा। वेतन स्तर 11 से नीचे के अधिकारियों/कर्मियों के मामलों में अंतिम पदस्थापन कार्यालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा ही प्रणाली में दर्ज कटौती विवरणी के आधार पर मिलान एवं सत्यापन कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
वित्त विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में होने वाली देरी समाप्त होगी और कर्मियों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सकेगा। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नई प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

