RANCHI: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयुक्त से केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में मतदान होना है। लेकिन अब तक मतदान केंद्रों, स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थलों पर केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने पर बूथ कैप्चरिंग और बोगस मतदान की आशंका है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम के बावजूद सीसीटीवी लगाए जाते रहे हैं, ऐसे में निकाय चुनाव में यह व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में 13 फरवरी को सौंपे गए ज्ञापन का हवाला देते हुए उन्होंने निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव की मांग की। उन्होंने राज्य पुलिस प्रशासन पर जनता का भरोसा कमजोर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों पर ही सवाल उठ रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर पुलिस और एसीबी के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से राज्य में एसीबी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में राजनीतिक विरोधियों को दबाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने के लिए एसीबी, सीआईडी और झारखंड पुलिस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

