चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में उग्रवाद से पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने का सिलसिला जारी है। 2025-26 में उग्रवादी हिंसा से पीड़ित सात व्यक्तियों को अनुकंपा पर नियुक्ति व अन्य वित्तीय मदद दी जा चुकी है। वहीं, नए मामलों पर वर्तमान में विचार चल रहा है। इनमें चार नए मामलों में तीन अनुकंपा पर नियुक्ति, अनुग्रह अनुदान व एक मामला केवल अनुग्रह अनुदान से जुड़ा है।
अनुकंपा, अनुग्रह अनुदान समिति की हुई बैठक
जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शुक्रवार को जिला उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू की मौजूदगी में जिला स्तरीय अनुकंपा, अनुग्रह अनुदान (उग्रवादी हिंसा) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में उग्रवादी हिंसा से पीड़ित 7 व्यक्तियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अनुग्रह अनुदान का लाभ दिया जा चुका है। वहीं, समिति के समक्ष 4 नए मामले प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 3 मामले अनुकंपा नियुक्ति, अनुग्रह अनुदान तथा 1 मामला केवल अनुग्रह अनुदान से संबंधित है।
दस्तावेजों की समीक्षा कर की गई अनुशंसा
वरीय पदाधिकारियों की ओर से सभी आवेदनों में संलग्न दस्तावेजों की क्रमवार समीक्षा कर आगे की कार्रवाई हेतु अनुशंसा की गई। बैठक के उपरांत बताया गया कि पूर्व के 10 एवं आज प्रस्तुत 4 मामलों सहित कुल 14 मामलों के दस्तावेजों की निर्धारित मानकों के आधार पर जांच की गई।
दस्तावेज पूरे करने के दिए गए निर्देश
इनमें से 10 आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को शीघ्र सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा उग्रवादी हिंसा से जुड़े 24 नए मामलों के लिए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को तय समय सीमा में शिविर आयोजित कर दस्तावेजीकरण पूरा करने तथा मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में अपर उपायुक्त प्रवीण केरकट्टा, सामान्य शाखा प्रभारी देवेंद्र कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, स्थापना शाखा प्रभारी कुमार हर्ष, गोईलकेरा अंचलाधिकारी विवेक कुमार, बंदगांव अंचलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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