Seraikela : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू प्रीतम कुमार आचार्य और उनके दलाल विनय कुमार तिवारी को 5 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला पावर ग्रिड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है।जानकारी के अनुसार, चांडिल के धुनाबुरू गांव निवासी गुरुचरण सिंह सरदार को जमीन अधिग्रहण के एवज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा मिलना था।
आरोप है कि इस मुआवजा राशि के भुगतान के बदले बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य ने पहले 60 लाख रुपये की घूस मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद यह सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ।शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी राशि देने से इनकार करते हुए मामले की जानकारी एसीबी को दी। जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत सोमवार को गुरुचरण सिंह सरदार गम्हरिया ब्लॉक परिसर पहुंचे और वहां पहले से मौजूद दलाल विनय तिवारी को 5 लाख रुपये दिए।
जैसे ही विनय तिवारी पैसे लेकर अपने वाहन पर सवार हुआ, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।इसके बाद एसीबी टीम दलाल को लेकर सरायकेला जिला समाहरणालय पहुंची, जहां प्रीतम आचार्य बैठक में मौजूद थे। दलाल के जरिए फोन कर उन्हें बाहर बुलाया गया और टीम ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए जमशेदपुर ले जाया गया।यह पूरी छापेमारी एसीबी के डीएसपी इंद्रदेव राम के नेतृत्व में की गई। डीएसपी ने बताया कि घूस मांगने की शिकायत की सत्यता जांच के बाद कार्रवाई की गई और दोनों को 5 लाख रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने प्रीतम आचार्य के सरायकेला स्थित आवास पर भी तलाशी ली, हालांकि वहां से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। टीम ने घर के सभी कागजातों की बारीकी से जांच की।इस कार्रवाई के बाद जिला समाहरणालय सहित पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की खबर तेजी से फैलने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली का माहौल देखा जा रहा

