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Ranchi Ram Navami: रामभक्ति में डूबी राजधानी रांची, जय श्रीराम के नारों से गूंजा कोना-कोना

by Kanchan Kumar
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रांची। रामनवमी के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गई। शहर के कोने-कोने में भगवान श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई दी। सड़कों पर निकले भव्य जुलूस, पारंपरिक अखाड़ों की प्रस्तुति और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने माहौल को पूरी तरह राममय बना दिया।

शुक्रवार को आयोजित इस पर्व में आम लोगों से लेकर कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं। हर वर्ग के लोगों ने अपने-अपने तरीके से भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। जगह-जगह से निकले अखाड़ों के जुलूस ने शहर में उत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी आज हाथों में गदा लिए दिखे।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की तलवारबाजी

रामनवमी जुलूस में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी शामिल हुए। अल्बर्ट एक्का चौक के पास उन्होंने पारंपरिक अंदाज में तलवारबाजी कर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। उनके साथ मौजूद लोगों ने ‘जय श्रीराम’ के नारों से वातावरण को और भी जोशीला बना दिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की।

बाबूलाल मरांडी ने लाठी से दिखाया करतब

वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी जुलूस में सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने अखाड़ों के बीच पहुंचकर लाठी चलाते हुए पारंपरिक प्रदर्शन किया, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। उन्होंने भी लोगों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है।

शहर के पिस्का मोड़, रातू रोड, हरमू रोड, अरगोड़ा, मेन रोड, कोकर, लालपुर, मोरहाबादी, बूटी मोड़ और धुर्वा समेत कई इलाकों से अखाड़ाधारियों के जुलूस निकले। भगवा वेशभूषा में सजे श्रद्धालु हाथों में पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र लिए हुए थे। युवा वर्ग ने लाठी-डंडे और तलवारबाजी के करतब दिखाए, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं भी जुलूस में शामिल रहीं और भजन-कीर्तन के साथ माहौल को भक्तिमय बनाती नजर आईं।

प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए गए सेवा शिविर

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं का स्वागत फूल-मालाओं और भगवा पगड़ी से किया गया। कई स्थानों पर जुलूस पर पुष्प वर्षा की गई, जिससे दृश्य और भी आकर्षक हो उठा। अल्बर्ट एक्का चौक इस दौरान स्वागत का मुख्य केंद्र बना रहा, जहां विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और महावीर मंडल के सदस्यों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।

जुलूस महावीर चौक से प्रारंभ होकर गांधी चौक, मेन रोड होते हुए आगे बढ़ा और अंत में निवारणपुर स्थित तपोवन मंदिर में इसका समापन होना निर्धारित है। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरे मार्ग में भक्ति, उत्साह और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कलाकारों ने शिव तांडव की प्रस्तुति से किया मंत्रमुग्ध

अल्बर्ट एक्का चौक पर लगभग 101 फीट ऊंचा तिरंगा ध्वज भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा, लखनऊ से आए कलाकारों ने शिव तांडव की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस बीच मौसम ने भी करवट ली और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ देर के लिए लोगों को असुविधा हुई। हालांकि, श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरे जोश के साथ जुलूस में शामिल रहे। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में व्यापक इंतजाम किए गए थे।

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