चाईबासा : जय श्री राम के उद्घघोष से पश्चिमी सिंहभूम जिला गूंज उठाा । मौका था रामनवमी का। इस मौके पर विभिन्न अखाड़ा समितियों ने शुक्रवार को शहर में भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में करीब 34 अखाड़ा समितियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न अखाड़ा समितियों ने जुलूस निकालने के बाद वे पोस्ट आफिस चौक और बिरसा चौक होते हुए सभी बालमंडली पहुंचे। यहां से कतारबद्ध होकर फिर पोस्ट आफिस चौक पहुंचे। सबसे आगे महावीरी झंडे को रखा गया था। इसके पीछे झांकियां थीं। झंडा और झांकी के आगे बढ़ते ही समिति के सदस्यों का करतब शुरू हो गया। यहां अखाड़ा समिति के सदस्यों ने तरह-तरह के करतब दिखाए।
इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके लिए विभिन्न चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी सहित पुलिस बल भी प्रतिनियुक्त किए गए थे। चिकित्सा सुविधा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। महावीर मंडल के पदाधिकारी व सदस्य भी खिलाड़ियों पर विशेष निगाह रखे थे। अखाड़ा समितियों की ओर से राम भक्त हनुमान की प्रतिमा को विद्युत से सजाया-संवारा गया था। इसके पीछे हथियारों को गूंथ कर इसका प्रदर्शन भी किया गया। चमचमाते तलवार, तीर, फरसा व भाला जुलूस को शोभायमान कर रहे थे। जुलूस में शामिल लोगों ने भी हाथों ने तलवार, लाठी, भाला, फरसा आदि थाम रखा था। इन्हीं के सहारे उम्दा खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह रहे थे। ढोल-तासे की आवाज वातावरण को झंकृत कर रही थी।
जुलूस को देखने के लिए नीमडीह, पोस्टआफिस चौक, काफी हाउस, सदर बाजार, शहीद पार्क, बड़ीबाजार, पुलहातु आदि मोहल्ले में सड़क के दोनों ओर अपार जनसमूह उमड़ पड़ा था। जुलूस निकलने से पूर्व विभिन्न हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना होती रही। मंदिरों में भक्तों के आने का तांता लगा रहा। मधु बाजार, टुंगरी, मेरीटोला, मोची साई, हनुमानगढ़ी, पिल्लई हाल, गाड़ीखाना, स्टेशन रोड आदि अखाड़ा समितियों की ओर से भी तरह-तरह के करतब दिखाए गए। इसी के साथ नौै दिनों से चले आ रहे रामनवमी महोत्सव का समापन हो गया।
चक्रधरपुर नगरी में हर तरफ जय श्री राम, जय हनुमान के नारे
हर ओर जय श्री राम, जय हनुमान के नारे। रेल नगरी चक्रधरपुर राम मय रही। माहौल में तब और जोश भर गया जब अखाड़ा समितियां एक-एक कर रामनवमी का झंडा जुलूस लेकर पवन चौक पहुंचे। यहां पारंपरिक हथियारों से लैस बजरंगी मौजूद थे। सभी अखाड़ा की निगहबानी प्रशासन के लोग लगातार कर रहे थे। सड़क पर आस्था का जन सैलाब नजर आ रहा था। हर गली-मुहल्ला व चौक-चौराहों से जुलूस निकलकर पवन चौक पर पहुंच रहे थे। विशाल बजरंगी पताका लेकर रामभक्त चल रहे थे। क्या बूढ़े, क्या बच्चे सभी रामनवमी के रंग में रंगे हुए थे। पारंपरिक हथियारों से प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक हैरत अंगेज करतब दिखा रहे थे। जुलूस को नियंत्रित करने के लिए दंडाधिकारी के साथ पुलिस के जवान व अधिकारी विशेष रूप से तैनात थे।
पवन चौक पर हुआ हैरतअंगेज खेलों का प्रदर्शन
शहर के विभिन्न मुहल्लों के 37 लाइसेंसी अखाड़ा समितियों के सैकड़ों लोग पारंपरिक हथियारों से लैस होकर सीधे पवन चौक पहुंचे। यहां विभिन्न अखाड़ों के महावीर झंडे को खड़ा किया गया। गाजे बाजे की धुन पर अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शित करते हुए रामभक्तों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज खेलों का प्रदर्शन किया। जुलूस में कई अखाड़ा समितियों ने आकर्षक झांकियां निकालीं।
अखाड़ा समिति के लाइसेंस धारियों को किया गया सम्मानित
पवन चौक पर रामनवमी केंद्रीय अखाड़ा समिति के द्वारा 37 अखाड़ा समिति के लाइसेंस धारियों को पगड़ी व तलवार भेंट कर सम्मानित किया। वहीं समिति ने नगर परिषद के अध्यक्ष सन्नी उरांव, चक्रधरपुर के एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, एसडीपीओ विनोद कुमार, थाना प्रभारी अवधेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों को तलवार भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर रामनवमी केंद्रीय अखाड़ा समितियों के सभी सदस्य उपस्थित थे।
डीसी-एसपी ने चाईबासा व चक्रधरपुर का किया निरीक्षण
रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से आयोजित कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने चाईबासा एवं चक्रधरपुर का दौरा कर विभिन्न इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जुलूस मार्गों, संवेदनशील स्थानों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का जायजा लेते हुए सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए। चक्रधरपुर में अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार, चाईबासा डीएसपी बहामन टुटी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी सीओ समेत थाना प्रभारी भी मौजूद रहे।
शहरी क्षेत्र में बिजली गुल
विद्युत विभाग की ओर से शाम अपराह्न 4 बजे ही लाइन काट दी गई। इससे देर रात तक चाईबासा और चक्रधरपुर में सारा शहर अंधकार में डूबा रहा।
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