Jamshedpur : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में ‘बाई-सिक्स’ कर्मचारियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच रही है। कंपनी प्रबंधन ने शुक्रवार को 10वें बैच की सूची जारी कर दी, जिसमें 225 कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा।
इन कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच 6 अप्रैल से 30 मई के बीच की जाएगी। टेल्को स्थित लेबर ब्यूरो के नोटिस बोर्ड पर सूची जारी होते ही बड़ी संख्या में कर्मचारी वहां पहुंचकर अपने-अपने नाम और मेडिकल की तारीख देखने लगे।
समझौते के तहत चल रही प्रक्रिया
गौरतलब है कि जमशेदपुर प्लांट में पहले 2710 ‘बाई-सिक्स’ कर्मचारी कार्यरत थे। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 25 जनवरी 2024 को उपश्रमायुक्त की अध्यक्षता में कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था।
इस समझौते के अनुसार हर साल 900 कर्मचारियों को स्थायी करने पर सहमति बनी, जिसके तहत हर तिमाही 225 कर्मचारियों को स्थायी किया जा रहा है। अब सिर्फ करीब 200 कर्मचारियों का स्थायीकरण बाकी है, इसके लिए जून में अगली सूची जारी होगी।
स्थायीकरण के लिए कर्मचारियों को मेडिकल टेस्ट से एक दिन पहले अपने सभी मूल दस्तावेज लेबर ब्यूरो में जमा करने होंगे। इसमें पैन कार्ड, बैंक पासबुक, यूएएन पासबुक, सर्विस हिस्ट्री, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और लाल बैकग्राउंड में पांच पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
शिफ्ट में भी बदलाव किया गया है। ए शिफ्ट वाले कर्मचारी बी शिफ्ट में और बी शिफ्ट वाले ए शिफ्ट में रिपोर्ट करेंगे।
कर्मचारियों के लिए ‘दोहरी खुशी’
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अप्रैल महीना कर्मचारियों के लिए दोहरी खुशी लेकर आ रहा है। एक ओर उन्हें नया ग्रेड मिलेगा, वहीं दूसरी ओर 225 ‘बाई-सिक्स’ कर्मचारियों का स्थायीकरण होगा।
यूनियन ने कर्मचारियों से घबराने की जरूरत नहीं बताते हुए भरोसा दिलाया कि उनके हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।

