RANCHI: झारखंड सरकार पर भाजपा के दिग्गज नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए है। एक जहां नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया है। वहीं प्रदेश प्रवक्ता ने भी वित्तीय कुप्रबंधन पर घेरने का काम किया है। पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सोशल मीडिया एक्स पर राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में डीएमएफटी के नाम पर चल रहे खनन और आयरन ओर के अवैध परिवहन में सत्ता संरक्षण शामिल है। उन्होंने बताया कि हर दिन 40-60 हाईवा अवैध रूप से खनिज ले जा रहे हैं, जिसके कारण गरीब आदिवासी सड़क पर कुचले जा रहे हैं।
चाईबासा में संतोष किश्कु जैसे लोग प्रशासन को जानकारी देकर यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से चलाते हैं। बाबूलाल ने चेतावनी दी कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस अवैध कारोबार को तुरंत बंद नहीं करवाते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इसे उनकी मौन सहमति और संरक्षण माना जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान अवैध परिवहन रोका जाता है ताकि सदन में सवाल न उठें।
2,75,000 कर्मियों को भुगतान लंबित
वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 26 वर्षों में पहली बार 11 अप्रैल तक भी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इस बार लगभग 2,75,000 कर्मियों को भुगतान लंबित है, जिनमें संविदा कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मी शामिल हैं। प्रतुल ने बताया कि इस वित्तीय संकट का असर लगभग 15 लाख लोगों की जिंदगी पर पड़ा है, जो इन वेतनभोगियों पर आश्रित हैं।

उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास के लिए 100 करोड़ का बजट तो पास कर दिया गया, लेकिन कर्मचारियों के वेतन के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन पर चिंता जताते हुए पूछा कि क्या झारखंड सरकार हिमाचल प्रदेश की तरह वेतन देने के लिए कर्ज लेने जा रही है।

